वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के साथ बैठक कर इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ लड़ाई की रणनीति पर चर्चा की। यह बैठक इराक के अल अनबर प्रांत में रमादी शहर पर आईएस के नियंत्रण स्थापित कर लेने के बाद बुलाई गई, जिसे व्हाइट हाउस ने एक बड़ा 'झटका' करार दिया है।
व्हाइट हाउस से मंगलवार को जारी एक बयान में बताया गया, "राष्ट्रपति ने इराक की स्थिति और इराक तथा सीरिया में आईएस के खतरे से निपटने की देश की रणनीति पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के साथ बैठक की।"
ओबामा ने इराक की हालिया गतिविधियों और इराक के अल अनबर प्रांत में हलात का सामना करने वाले इराकी सुरक्षा बलों तथा कबायली लड़कों को दी जाने वाली सहायता के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने अल अनबर के स्थानीय अधिकारियों की मदद से स्थानीय जनजातियों को प्रशिक्षित करने, इराकी सेना में भर्ती बढ़ाने और स्थानीय पुलिस को प्रशिक्षित करने के इराकी मंत्रिमंडल के फैसले की सराहना की।
ओबामा ने आईएस के खिलाफ लड़ाई में इराकी सरकार और इसकी जनता को अमेरिका का पूरा सहयोग देने की बात दोहराई।
बगदाद से 100 किलोमीटर पश्चिम की ओर स्थित रमादी पर आईएस के कब्जे को इराक सरकार के लिए बहुत बड़ा झटका है।
बैठक में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जो बाइडन, रक्षा सचिव एश्टन कार्टर, विदेश मंत्री जॉन केरी (टेली-कांफ्रेंस के जरिये बैठक में शामिल), सीआईए निदेशक जॉन ब्रेनन, नेशनल इंटेलीजेंस के निदेशक जेम्स क्लैपर और गृह मंत्री जे जॉनसन शामिल थे।