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'राष्ट्रपति के पास शक्ति, लेकिन वो शहंशाह नहीं', बर्थ राइट सिटीजनशिप मुद्दे पर अमेरिका में शुरू हुआ विरोध

 Edited By: Amit Mishra
 Published : Jan 22, 2025 12:44 pm IST,  Updated : Jan 22, 2025 12:44 pm IST

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद कई कार्यकारी आदेश जारी किए हैं। ट्रंप के आदेश के तहत अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता की संवैधानिकता को खत्म कर दिया गया है। ट्रंप के इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप- India TV Hindi
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Image Source : AP

नेवार्क: अमेरिका में न्यू जर्सी समेत 15 से अधिक प्रांतों ने कहा है कि वो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को चुनौती देंगे जो जन्म के आधार पर नागरिकता की संवैधानिक गारंटी को समाप्त करता है। न्यू जर्सी के डेमोक्रेटिक अटॉर्नी जनरल मैट प्लैटकिन ने कहा कि वह ट्रंप के आदेश पर रोक के लिए मुकदमा दायर करने में 18 प्रांतों, ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया’ और सैन फ्रांसिस्को शहर के एक समूह का नेतृत्व कर रहे हैं। प्लैटकिन ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति के पास व्यापक शक्ति होती है, लेकिन वह शहंशाह नहीं हैं।’’

ट्रंप ने चुनाव प्रचार अभियान में उठाया मुद्दा 

ट्रंप के आदेश से अमेरिका में जन्मे लोगों को स्वतः नागरिकता प्रदान करने की नीति समाप्त हो जाएगी। ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कहा था कि वह राष्ट्रपति बनने के बाद ऐसा करेंगे। प्लैटकिन और प्रवासी अधिकार अधिवक्ताओं ने संविधान के 14वें संशोधन का हवाला दिया जिसके अनुसार अमेरिका में जन्मे और उसके अधिकार क्षेत्र के अधीन रहने वाले लोग देश के नागरिक हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
Image Source : APअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने किया विरोध

इस बीच भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने अमेरिका में पैदा हुए किसी भी व्यक्ति के लिए स्वत: नागरिकता के नियम में परिवर्तन संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासकीय आदेश का विरोध किया है। इस कदम से ना केवल विश्व भर से आए अवैध अप्रवासी प्रभावित होंगे, बल्कि भारत से आए छात्र और पेशेवर भी प्रभावित होंगे। 

ट्रंप ने शासकीय आदेश पर किए हस्ताक्षर

बता दे कि, सोमवार को राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल के शुरुआती घंटों में ट्रंप ने एक आदेश पर हस्ताक्षर किया था, जिसमें घोषणा की गई थी कि भविष्य में बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों के, देश में पैदा होने वाले बच्चों को अब नागरिक नहीं माना जाएगा। यह आदेश देश में वैधानिक रूप से लेकिन अस्थायी रूप से रहने वाली कुछ माताओं के बच्चों पर भी लागू होगा, जैसे कि विदेशी छात्र या पर्यटक। ट्रंप के शासकीय आदेश में कहा गया है कि ऐसे गैर-नागरिकों के बच्चे अमेरिका के ‘‘अधिकार क्षेत्र के अधीन’’ नहीं हैं और इस प्रकार वे 14वें संशोधन की दीर्घकालिक संवैधानिक गारंटी के अंतर्गत नहीं आते हैं।

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