America Warns Haitian Politicians: अमेरिका ने हैती के ट्रांजिशनल प्रेसिडेंशियल काउंसिल को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि वह देश की वर्तमान सरकार में कोई बदलाव ना करे। अमेरिका का यह बयान गैर निर्वाचित संस्था पर एक दशक बाद पहली बार चुनाव कराने का दबाव बढ़ने के बीच आया है। हैती में अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर पर पोस्ट किए बयान में कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका किसी भी ऐसे प्रयास को, जिसमें गैर चुनी हुई ट्रांजिशनल प्रेसिडेंशियल काउंसिल अपने कार्यकाल के इस अंतिम चरण में सरकार की संरचना बदलने की कोशिश करे, सुरक्षा और स्थिरता के उद्देश्य को कमजोर करने वाला मानेगा। ऐसा कदम अमान्य य होगा।"
हैती में अमेरिकी दूतावास ने आगे कहा कि "जो कोई भी ऐसी अस्थिर करने वाली पहल का समर्थन करेगा, जो गिरोहों के हित में हो, वह अमेरिका, क्षेत्र और हैती के लोगों के हितों के खिलाफ काम कर रहा होगा, और अमेरिका उचित कदम उठाएगा।" यह बयान ऐसे समय आया है जब काउंसिल के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री एलिक्स डिडियर फिल्स-एमी से मतभेद में हैं, हालांकि इसका सटीक कारण स्पष्ट नहीं है।
अमेरिकी विदेश विभाग के वेस्टर्न हेमिस्फेयर ब्यूरो ने भी एक्स पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, "हैती की पुरानी अस्थिरता भ्रष्ट राजनेताओं का नतीजा है, जो सड़कों पर अराजकता फैलाने के लिए गिरोहों का इस्तेमाल करते हैं और फिर खुद उसी अराजकता को कम करने के बहाने सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं। वास्तविक स्थिरता तब आएगी जब नेता मतदाताओं के समर्थन से सत्ता में आएं, ना कि अराजकता फैलाने की ताकत से। जो काउंसिल सदस्य इस रास्ते पर हैं, वो हैती के देशभक्त नहीं, बल्कि गिरोहों के साथ साजिश रचने वाले अपराधी हैं।"
हैती के प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्थिति पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। काउंसिल के नेता लॉरेंट सेंट-सिर ने बयान जारी कर कहा कि वो 7 फरवरी से पहले सरकार की स्थिरता कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास का विरोध करते हैं, जब काउंसिल का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। उन्होंने लिखा, "जैसे-जैसे समयसीमा नजदीक आ रही है, कोई भी कदम जो अस्थिरता, भ्रम या विश्वास की कमी बढ़ाए, देश के लिए गंभीर खतरा पैदा करेगा। हैती एकतरफा फैसले या अल्पकालिक राजनीतिक चालों में नहीं उलझ सकता, जिससे देश की निरंतरता और पहले से ही पीड़ित जनता की भलाई खतरे में पड़ जाए।"
ताजा घटनाक्रम हैती की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता की नवीनतम कड़ी है, जो जुलाई 2021 में पूर्व राष्ट्रपति जोवेनेल मोइसे की हत्या के बाद शुरू हुई। अप्रैल 2024 में कैरिबियन नेताओं की मदद से गठित यह ट्रांजिशनल काउंसिल मुख्य रूप से गिरोहों के हमलों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री एरियल हेनरी के इस्तीफे के बाद बनी थी। गिरोहों ने हवाई अड्डा बंद कर प्रमुख बुनियादी ढांचे पर कब्जा कर लिया था। काउंसिल का मुख्य काम प्रधानमंत्री चुनना था ताकि स्थिरता लाई जा सके। फिल्स-एमए नवंबर 2025 में नियुक्त तीसरे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें पहले गैरी कोनिले को हटाने के बाद चुना गया था।
काउंसिल को मूल रूप से 7 फरवरी 2026 तक पद छोड़ना है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कि ऐसा होगा या नहीं। आलोचकों का आरोप है कि कुछ सदस्य सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क सकते हैं। 7 फरवरी की समयसीमा इस उम्मीद पर आधारित थी कि 2024 में चुनाव होंगे, लेकिन गिरोह हिंसा के कारण चुनाव अब अगस्त 2026 (पहला दौर) और दिसंबर 2026 (दूसरा दौर) के लिए निर्धारित हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल जनवरी से नवंबर तक 8,100 से अधिक हत्याएं दर्ज हुई हैं, लेकिन गिरोह-नियंत्रित क्षेत्रों तक पहुंच सीमित होने से वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका दोनों ने हैती के नेताओं से मतभेद भुलाकर संस्थागत निरंतरता बनाए रखने और चुनावों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है।
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