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कनाडा के वैंकूवर में खालिस्तानियों ने किया खोजी पत्रकार पर हमला, पीड़ित ने कहा-"मैं अभी भी कांप रहा हूं"

 Published : Jun 08, 2025 02:08 pm IST,  Updated : Jun 09, 2025 12:28 am IST

कनाडा के वैंकूवर में एक खोजी पत्रकार पर खालिस्तानियों ने हमला कर दिया। पीड़ित ने बताया कि पुलिस के सामने खालिस्तानियों ने उनसे मारपीट की और उनका मोबाइल छीन लिया।

कनाडा के खोजी पत्रकार मोचा बेज़िरगन।- India TV Hindi
कनाडा के खोजी पत्रकार मोचा बेज़िरगन। Image Source : ANI

वैंकूवर, (कनाडा) : कनाडा के खोजी पत्रकार मोचा बेज़िरगन पर खालिस्तानियों ने हमला कर दिया है। इससे बेजिरगन बुरी तरह से डर गए हैं। यह कनाडा के पुलिस प्रशासन द्वारा खालिस्तानियों को समर्थन देने का एक और ताजा उदाहरण है कि कनाडाई पुलिस अपने पत्रकार पर खालिस्तानियों के हमले को देखती रही और उसे आतंकियों से घिरने दिया। बेजिरगन ने वैंकूवर में खालिस्तानी समर्थकों द्वारा हमला किए जाने और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना तब घटी जब वह एक खालिस्तानी रैली की रिपोर्टिंग कर रहे थे।

"मैं अभी भी कांप रहा हूं"

बेज़िरगन ने बताया कि यह घटना महज दो घंटे पहले हुई है और वह अब भी सदमे में हैं। उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति मेरे पास आया और मुझसे सवाल पूछने लगा। वह मेरे चेहरे के बहुत करीब था। अचानक 2-3 और लोग मुझे चारों ओर से घेरने लगे, इतने पास कि मुझे लगा कि अब मैं कहीं जा नहीं सकता। मुझे लग गया था कि हमला होने वाला है, इसलिए मैंने अपने मुख्य कैमरे से चुपचाप रिकॉर्डिंग शुरू कर दी थी। साथ ही मैंने अपने फोन से भी वीडियो बनाना शुरू कर दिया।” 

खालिस्तानी ने कनाडा पुलिस के सामने छीना पत्रकार का फोन

पीड़ित ने कहा, “जैसे ही मैंने रिकॉर्डिंग शुरू की, उनमें से ज्यादातर ने अपने चेहरे फेर लिए, लेकिन एक व्यक्ति मेरी ओर लगातार आता रहा। अंततः उसने मेरे हाथ से मेरा फोन छीन लिया, जिससे रिकॉर्डिंग रुक गई। जब मैंने कैमरा फिर से ऑन किया, तो देखा कि पुलिस उस व्यक्ति से बात कर रही थी।” बेज़िरगन ने बताया कि इस विशेष व्यक्ति के खिलाफ वह पहले भी पुलिस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिस दौरान यह घटना घटी उस वक्त भी कनाडा की पुलिस भी मौजूद थी। मगर वह मूक दर्शक बनी थी। पीड़ित ने कहा कि “उसे(हमलावर को) आज़ादी से घूमते देखना बहुत निराशाजनक है।

"मुझे डराने की कोशिश की गई"

 

पीड़ित ने कहा, “मुझे कई खालिस्तानियों ने घेर लिया, धमकाया और मेरे साथ मारपीट की। वे गुंडों की तरह व्यवहार कर रहे थे। जिस व्यक्ति ने मेरा फोन छीना, वह काफी समय से मुझे ऑनलाइन परेशान कर रहा है और मेरे लिए अमानवीय भाषा का इस्तेमाल करता है।” बेज़िरगन ने बताया कि वह कनाडा, यूके, अमेरिका और न्यूजीलैंड में हो रहे खालिस्तान समर्थक आंदोलनों को निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकारिता के माध्यम से कवर कर रहे हैं। “मैं सिर्फ रिकॉर्ड कर रहा था कि वहाँ क्या हो रहा है। लेकिन क्योंकि मैं संपादकीय रूप से स्वतंत्र हूं, कुछ लोग मुझसे नाराज़ रहते हैं। वे मुझ पर असर डालना चाहते हैं, मुझे खरीदना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “यह व्यक्ति मेरे पीछे-पीछे चलता रहा। रैली से लेकर ट्रेन स्टेशन तक, वह मेरा पीछा करता रहा। मैं वहाँ बस रिपोर्टिंग के लिए गया था, लेकिन उन्होंने मुझे डराने, चुप कराने की कोशिश की।”

"शहीदों" की रैली में हुआ हमला

बेज़िरगन ने बताया कि यह हमला उस समय हुआ जब खालिस्तान समर्थक एक रैली में इंदिरा गांधी के हत्यारों जैसे लोगों को ‘शहीद’ बता कर श्रद्धांजलि दे रहे थे। यह घटना कनाडा में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र प्रेस की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मोचा बेज़िरगन ने कहा है कि वह इस पूरी घटना की अधिक वीडियो फुटेज जल्द ही अपने चैनल पर अपलोड करेंगे। उन्होंने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है और संबंधित व्यक्ति के निर्वासन की भी अपील की है। (एएनआई)

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