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'NATO एक कागजी शेर', ईरान युद्ध में साथ नहीं देने पर ट्रंप ने सहयोगियों को खूब खरी-खोटी सुनाई

 Published : Apr 07, 2026 06:40 am IST,  Updated : Apr 07, 2026 06:43 am IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध में सहयोग न मिलने पर नाटो (NATO) और अन्य मित्र देशों (जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया) की कड़ी आलोचना की है। ट्रंप ने नाटो को "कागजी शेर" करार देते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी इस संगठन से नहीं डरते।

Donald trump- India TV Hindi
डोनाल्ड ट्रंप Image Source : AP

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन (NATO) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस गठबंधन के सदस्य देशों के साथ ही दक्षिण कोरिया, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य मित्र देशों पर ईरान युद्ध में अमेरिका की मदद न करने का आरोप लगाया है। सोमवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप की ये टिप्पणियां NATO के सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे के वाशिंगटन दौरे से कुछ दिन पहले आई हैं। रूटे यहां अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने आ रहे हैं। ट्रंप ने इस गठबंधन को "कागज़ी शेर" कहकर खारिज कर दिया है।

ये छाप मेरे मन से नहीं मिटेगी

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध ने NATO पर एक ऐसी छाप छोड़ी है "जो मेरे मन से कभी नहीं मिटेगी।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह साफ कर दिया कि NATO के साथ मतभेद तब शुरू हुए जब उसने ग्रीनलैंड को लेने के उनके कदम को ठुकरा दिया। ट्रंप ने यहां पत्रकारों से कहा, "NATO एक कागज़ी शेर है जिससे रूस के राष्ट्रपति पुतिन नहीं डरते।"

NATO ने मेरी मदद न करने की पूरी कोशिश की

ईरान युद्ध के बारे में ट्रंप ने कहा कि NATO सदस्यों ने असल में "मदद न करने की पूरी कोशिश की।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "देखिए, हम NATO के पास गए थे। मैंने बहुत ज़ोर देकर नहीं कहा था, मैंने बस इतना कहा था, 'अरे, अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो बहुत बढ़िया।'" ट्रंप ने बताया कि उन्हें जवाब मिला, "'नहीं, नहीं, नहीं, हम मदद नहीं करेंगे।'" हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्होंने किससे बात की थी। ट्रंप ने कहा कि NATO सदस्य अब उनसे जुड़ने और समर्थन देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तब जब अमेरिका पहले ही युद्ध जीत चुका है। उन्होंने कहा, "वे बुधवार को मुझसे मिलने आ रहे हैं," और साथ ही जोड़ा कि अचानक अब वे मदद भेजना चाहते हैं।

जापान, साउथ कोरिया पर भी मदद न करने का लगाया आरोप

ट्रंप ने कहा, "जापान ने हमारी मदद नहीं की, ऑस्ट्रेलिया ने हमारी मदद नहीं की, दक्षिण कोरिया ने हमारी मदद नहीं की, और फिर बात आती है NATO की  तो NATO ने भी हमारी मदद नहीं की।" ट्रंप ने कहा, "हमारे 50,000 सैनिक जापान में हैं ताकि उन्हें नॉर्थ कोरिया से बचाया जा सके; हमारे 45,000 सैनिक दक्षिण कोरिया में हैं ताकि उन्हें किम जोंग उन से बचाया जा सके।"

किम जोंग से हमारे संबंध बहुत अच्छे

ट्रंप ने कहा कि नॉर्थ कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ उनके संबंध "बहुत अच्छे" हैं। ट्रंप ने कहा-"आपको पता है और किसने हमारी मदद नहीं की? दक्षिण कोरिया ने हमारी मदद नहीं की। आपको पता है और किसने हमारी मदद नहीं की? ऑस्ट्रेलिया ने हमारी मदद नहीं की। आपको पता है और किसने हमारी मदद नहीं की? जापान ने, लेकिन हमारे 45,000 लोग, सैनिक खतरे में हैं, ठीक किम जोंग-उन के बगल में, जिनके पास बहुत सारे परमाणु हथियार हैं, .ऐसा कभी होना ही नहीं चाहिए था।" 

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका और NATO के बीच बढ़ती दरार पहले ही शुरू हो गई थी, जब उन्होंने पहली बार ग्रीनलैंड को अपने अधिकार में लेने का प्रस्ताव रखा था। "अगर आप सच जानना चाहते हैं, तो यह सब ग्रीनलैंड से शुरू हुआ। हमें ग्रीनलैंड चाहिए। वे हमें इसे देना नहीं चाहते। और मैंने बाय-बाय बोल दिया।

 

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