वाशिंगटन: ईरान में चल रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को मुफ्त कर दिया है, जो प्रदर्शनकारियों के लिए 'गेम चेंजर' माना जा रहा है। बता दें कि 13 जनवरी से ईरान में स्टारलिंक रिसीवर वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह सेवा पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है, जिससे तेहरान सरकार द्वारा लगाए गए सबसे सख्त इंटरनेट ब्लैकआउट को तोड़ने में मदद मिल रही है। हालांकि स्पेसएक्स ने इस फैसले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है और कमेंट के अनुरोध पर कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन ईरानी कार्यकर्ताओं ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि यह कदम प्रदर्शनकारियों को दुनिया तक जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
ईरान ने इंटरनेट सेवा पर लगा रखा है बैन
ईरान ने 8 जनवरी से दूरसंचार और इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया था। ईरान में अर्थव्यवस्था की बिगड़ती हालत और मुद्रा के पतन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल चुका है। ये विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर से शुरू हुए हैं और अब तक मौतों की संख्या 2,600 से अधिक हो चुकी है। मरने वालों में मुख्य रूप से प्रदर्शनकारी शामिल हैं, हालांकि कुछ सुरक्षा कर्मी भी मारे गए हैं। यूएस-आधारित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, मौतें बढ़ रही हैं और यह दशकों में सबसे खूनी दमन है। स्टारलिंक के मुफ्त होने से जानकारी का प्रवाह बढ़ गया है।
क्या है एलन मस्क और अमेरिका का रणनीति
ऐसा माना जा रहा है कि ईरान में एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा स्टारलिंक इंटरनेट सेवा मुफ्त किए जाने के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हाथ है। ईरान भी कई बार इशारों में इस विरोध प्रदर्शन के पीछे अमेरिका का हाथ होने का इशारा कर चुका है। ट्रंप साफ तौर पर ईरान में प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आ गए हैं। इससे साफ है कि अमेरिका ईरान में अपने पसंद की सरकार बनवाना चाहता है और सत्ता परिवर्तन चाहता है।
तेहरान में लगा लाशों का ढेर
लॉस एंजिल्स स्थित नेट फ्रीडम पायनियर्स के संस्थापक मेहदी यह्यानेजाद ने बताया कि रविवार को तेहरान के पास एक फॉरेंसिक मेडिकल सेंटर में सैकड़ों शवों की पंक्तियां दिखाने वाला वीडियो स्टारलिंक की वजह से बाहर आया, जिसने दुनिया की समझ बदल दी। कार्यकर्ता अहमद अहमदियन (होलिस्टिक रेजिलिएंस) ने कहा कि 2022 से अब तक 50,000 से अधिक स्टारलिंक यूनिट्स ईरान में तस्करी से लाई गई हैं। लोग उन्हें सोलर पैनल की तरह छिपाते हैं, वीपीएन इस्तेमाल करते हैं। ईरानी सरकार स्टारलिंक पर प्रतिबंध लगाए हुए है और उपयोगकर्ताओं को जासूसी का आरोप लगाकर मौत की सजा दे सकती है।
रेडियो सिग्नल किए जा रहे जाम
ईरानी सुरक्षा बल अब रेडियो सिग्नल जाम कर रहे हैं, जीपीएस ब्लॉक कर रहे हैं और घरों में छापेमारी कर रहे हैं। हालांकि, जैमिंग मुख्य रूप से शहरी इलाकों तक सीमित है। मस्क ने पहले यूक्रेन और प्राकृतिक आपदाओं में स्टारलिंक मुफ्त किया था। कार्यकर्ताओं का मानना है कि मुफ्त स्टारलिंक से जानकारी का बहाव और तेज होगा, जिससे सरकार का दमन छिपाना मुश्किल हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक कंपनी पर निर्भरता का जोखिम है, लेकिन फिलहाल कोई विकल्प नहीं है। ईरान में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है।
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