न्यूयॉर्क/वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विभिन्न देशों द्वारा वसूले जाने वाले हाई टैरिफ को लेकर फिर अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने कहा कि हमें तो हर किसी ने लूटा है, चाहे वह हमारा दोस्त देश हो या दुश्मन। इस दौरान उन्होंने हाई टैरिफ के लिए एक बार फिर भारत का भी नाम लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर दोहराया कि भारत बहुत अधिक शुल्क वसूलने वाला देश है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क लगाने वाले देशों पर जवाबी शुल्क दो अप्रैल से लागू होंगे। ट्रंप ने कहा- 'चाहे दोस्त हो या दुश्मन... हमें तो हर किसी ने लूटा है। '
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ अब हम भी किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं। सबसे बड़ी बात 2 अप्रैल को होगी ....जब जवाबी शुल्क लागू होंगे, फिर चाहे वह भारत हो या चीन या कोई भी देश। उन्होंने कहा कि भारत बहुत अधिक शुल्क लगाने वाला देश है।’’ ट्रंप ने बृहस्पतिवार को ‘ओवल ऑफिस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय) में कुछ शासकीय आदेशों पर हस्ताक्षर करते हुए कहा, ‘‘मैं आपको बताता हूं कि उच्च शुल्क वाला देश कौन है। वह कनाडा है। कनाडा हमसे हमारे दूध उत्पाद और अन्य उत्पादों पर 250 प्रतिशत शुल्क लेता है और लकड़ी एवं ऐसी ही चीजों पर बहुत ज्यादा शुल्क लगाता है। हमें उनकी लकड़ी की जरूरत नहीं है।
ट्रंप नहीं लेंगे कनाडा की लकड़ी
ट्रंप ने कहा- हमारे पास उनकी (कनाडा की) तुलना में ज्यादा लकड़ी है। हमें कनाडा की लकड़ी की जरूरत नहीं है।’’ ट्रंप ने यह भी कहा कि अभी शुल्क ‘‘अस्थायी’’ और ‘‘कम’’ हैं लेकिन जवाबी शुल्क दो अप्रैल से शुरू होंगे और वे हमारे देश के लिए ‘‘बड़े परिवर्तन लाने वाले’’ होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया के हर देश ने हमें लूटा है। वे हमसे 150-200 प्रतिशत शुल्क वसूलते हैं (और) हम उनसे कुछ भी नहीं लेते हैं। इसलिए वे हमसे जो भी शुल्क वसूलेंगे, हम उनसे उतना ही शुल्क लेंगे और इससे कोई बच नहीं पाएगा। इसलिए हम दो अप्रैल का इंतजार कर रहे हैं।
ट्रंप हर बार करते हैं भारत के हाई टैरिफ का जिक्र
ट्रंप ने कहा कि मैं लंबे समय से उस तारीख का इंतजार कर रहा हूं और यह बहुत बड़ी बात होगी।’’ यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने भारत के शुल्क के बारे में टिप्पणी की है। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के पहले संयुक्त सत्र को मंगलवार को संबोधित करते हुए ट्रंप ने भारत और अन्य देशों द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क की आलोचना की और उन्हें ‘‘बेहद अनुचित’’ करार दिया था। (भाषा)