औरंगाबाद: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। औरंगाबाद विधानसभा सीट बिहार की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जहां पिछली बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। यहां से कांग्रेस के आनंद शंकर सिंह लगातार दूसरी बार विधायक बने थे। इस सीट पर इस साल विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक औरंगाबाद भी है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के आनंद शेखर सिंह जीते थे। आनंद शेखर सिंह ने बीजेपी के रामधर सिंह को 2243 वोटों के मार्जिन से हराया था। आनंद शेखर को कुल 70018 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रामधर सिंह को कुल 67775 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर जन सुराज पार्टी के जितेंद्र पासवान रहे थे। उन्हें कुल 37103 वोट मिले थे। वहीं, छठे नंबर पर NOTA रहा था। उसे कुल 4222 वोट पड़े थे।
साल 2015 के विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस के आनंद शेखर सिंह जीते थे। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार को 18398 वोटों के मार्जिन से हराया था। तब आनंद शेखर को कुल 63637 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर बीजेपी के रामधार सिंह रहे थे। उन्हें कुल 45239 वोट मिले थे।
इस बार औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र में RJD ने भाजपा पर बढ़त बनाई, जिससे 2025 के चुनावों में भाजपा को यह सीट पुनः हासिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ेंगे। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है।
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