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अपने पिता की दूसरी शादी के संदर्भ में CM नीतीश की टिप्पणी पर भड़के चिराग पासवान

 Published : Nov 01, 2022 07:51 pm IST,  Updated : Nov 01, 2022 11:28 pm IST

चिराग पासवान ने कहा, मैं इस स्तर तक कभी नहीं गिरा। मैंने कभी भी नीतीश कुमार के बारे में ऐसा कुछ नहीं कहा जो अपने निजी जीवन के बारे में पारदर्शी नहीं रहे हैं। मेरे पिता एक खुली किताब की तरह थे।

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चिराग पासवान Image Source : PTI

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा रामविलास पासवान की ‘‘दूसरी शादी’’ का जिक्र करने पर दिवंगत नेता के बेटे और राजनीतिक उत्तराधिकारी चिराग पासवान ने मंगलवार को नाराजगी जताई। कुमार ने पिछले दिन चिराग पासवान के बारे में कहा था कि वह अभी ‘‘बच्चा’’ है और उनके दिवंगत पिता के बारे में टिप्पणी की थी कि उन्होंने दिल्ली जाकर दूसरी शादी की थी। अपने दिवंगत पिता की दूसरी पत्नी से पैदा हुए जमुई के युवा सांसद ने कहा, ‘‘मेरे पिता की मृत्यु के बाद उनके बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी करना मुख्यमंत्री के लिए गलत है।’’

अपने चाचा पशुपति कुमार पारस द्वारा पार्टी के भीतर दरकिनार कर दिए जाने के बाद अपनी सौतेली मां और सौतेली बहनों के पास पहुंचे चिराग ने कहा, ‘‘मैं इस स्तर तक कभी नहीं गिरा। मैंने कभी भी नीतीश कुमार के बारे में ऐसा कुछ नहीं कहा जो अपने निजी जीवन के बारे में पारदर्शी नहीं रहे हैं। मेरे पिता एक खुली किताब की तरह थे।’’ चिराग बिहार विधानसभा की दो सीटों पर आगामी तीन नवंबर को होने वाले उपचुनावों में भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने के लिए बिहार में हैं और उन्होंने कुमार को याद दिलाया कि ‘‘इस बच्चे ने आपको पिछले विधानसभा चुनावों में धूल चटा दी थी।’’

चिराग पासवना, रामविलास पासवान और नीतीश कुमार
Image Source : FILE PHOTOचिराग पासवना, रामविलास पासवान और नीतीश कुमार

चिराग ने अविभाजित लोजपा के अध्यक्ष के रूप में 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश के नेतृत्व को अस्वीकार करते हुए जेडीयू उम्मीदवारों के विरोध में अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा था जिनमें से कई भाजपा के बागी थे। चिराग ने कहा था कि वह कुमार को सत्ता से हटाना चाहते हैं और भाजपा को अपने दम पर सरकार बनाने में मदद करना चाहते हैं। हालांकि भाजपा उस समय जेडीयू नेता को सत्ता में एक और कार्यकाल के लिए समर्थन दे रही थी और उसने खुद को चिराग की राजनीतिक कट्टरता से दूर कर लिया था।

बाद में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए गए पारस ने अपने भतीजे की हरकतों को अस्वीकार करते हुए लोजपा को विभाजित कर दिया और चिराग अपनी पार्टी के भीतर दरकिनार कर दिए गए थे। कुछ महीने पहले नीतीश कुमार द्वारा साथ छोड़ दिए जाने के बाद भाजपा ने एक साल से अधिक समय से अधर में लटके चिराग को अपने पाले में वापस ले लिया है।

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