पटनाः उत्तर प्रदेश में INDIA गठबंधन और बिहार में INDIA गठबंधन की तुलना पर कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए रणनीति एक जैसी नहीं हो सकती। उत्तर प्रदेश में हमने सपा और अन्य INDIA गठबंधन सहयोगियों के साथ लोकसभा चुनाव लड़ा और समन्वय और समझ के आधार पर एक रणनीति बनाई, जो सफल रही। परिणामस्वरूप, हमने भाजपा और एनडीए के विजय रथ को रोक दिया... लेकिन आज के परिप्रेक्ष्य में बिहार चुनाव बहुत महत्वपूर्ण हैं। उस समय हम देश की सरकार बनाना चाहते थे और लोग इसे लेकर चिंतित थे।
बिहार के लोग बदलाव चाहते हैंः कांग्रेस
अब, मैं बिहार के लोगों में भी यही भावना देख रहा हूँ... पिछले 25-20 वर्षों के शासन में टूटे वादों के कारण, लोगों का विश्वास उठ गया है। परिणामस्वरूप, वे अब INDIA गठबंधन की ओर बड़ी आशा और उम्मीद से देखते हैं। एनडीए ने यहां अपनी ज़मीन खो दी है। लोग बदलाव चाहते हैं और जवाब में INDIA गठबंधन ने साथ मिलकर काम करते हुए एक शानदार रणनीति अपनाई है और तेजस्वी यादव को यहां अपना चेहरा बनाया है। हमने एक उप-मुख्यमंत्री की भी घोषणा की है।
कांग्रेस ने एनडीए सरकार पर साधा निशाना
इससे पहले कांग्रेस ने मंगलवार को बिहार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा सम्मान की लगातार अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि महिला विरोधी अत्याचार से मुक्ति लिए राजग की सत्ता से मुक्ति जरूरी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘बिहार में भाजपा-जद(यू) की सरकार 20 साल से है। अगर आज भी मोदी जी को कहना पड़ रहा है कि बिहार में ‘‘बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं’’, तो ये उनकी खुद की स्वीकारोक्ति है कि 20 सालों में उन्होंने बिहार को सुरक्षित नहीं बनाया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं और बच्चों की स्थिति बेहद चिंताजनक है कि 70 प्रतिशत बच्चे एनीमिया से ग्रस्त और 40 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। केवल 11 प्रतिशत शिशुओं को पर्याप्त आहार मिल पाता है। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में छह और 11 नवंबर को मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी।
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