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बिहार में महागठबंधन का एक और विधायक कम हुआ, हत्या के मामले में कोर्ट ने सुनाई थी आजीवन कारावास की सजा

 Reported By: Nitish Chandra Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Feb 16, 2024 06:54 pm IST,  Updated : Feb 16, 2024 07:24 pm IST

आरा की MP/MLA कोर्ट ने CPI ML के विधायक मनोज मंजिल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया।

Manoj Manzil- India TV Hindi
CPI ML विधायक मनोज मंजिल। Image Source : MANOJ MANZIL/X

आरा: बिहार के आरा में MP/MLA अदालत द्वारा हत्या के एक मामले में CPI (ML) के विधायक मनोज मंजिल समेत 23 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में मनोज मंजिल समेत सभी दोषियों पर 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया था। सजा सुनाए जाने के बाद अब मनोज मंजिल को बिहार विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया है और उनकी सदस्यता खत्म हो गई है। उन्हें अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब विपक्षी महागठबंधन में एक और विधायक कम हो गया है। मनोज मंजिल भोजपुर जिले के अगिआंव विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे।

कोर्ट के फैसले के बाद गिरफ्तार हो गए थे मनोज मंजिल

मनोज मंजिल को मर्डर केस में सजा मिलने के बाद नियमों के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने उनकी विधानसभा सदस्यता को समाप्त करने का फैसला लिया। बता दें कि 13 फरवरी को आरा के MP-MLA कोर्ट ने विधायक मनोज मंजिल समेत 23 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद पटना में राज्य विधानसभा के बजट सत्र में हिस्सा ले रहे मनोज मंजिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस जब भाकपा माले विधायक को भोजपुर के जिला मुख्यालय आरा ले जा रही थी, तो मंजिल ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर करेंगे। 

20 अगस्त 2015 को हुई थी जयप्रकाश सिंह की हत्या

बता दें कि यह मामला भोजपुर जिले के अजीमाबाद थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी जयप्रकाश सिंह की 20 अगस्त 2015 में हुई हत्या से जुड़ा है। जब सिंह एक बैठक को संबोधित करने के बाद शाम को अपने बेटे के साथ घर लौट रहे थे तभी मनोज मंजिल सहित लगभग 23 लोगों ने कथित तौर पर लाठी और ईंटों से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी थी। सिंह के बेटे चंदन कुमार द्वारा पुलिस को दी गयी लिखित शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उनके पिता को किसी अज्ञात स्थान पर ले गए थे। घटना के एक हफ्ते बाद पुलिस ने अजीमाबाद थाना क्षेत्र से सिंह का क्षत-विक्षत शव बरामद किया था।

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