बिहार के नालंदा में सूदखोर से परेशान होकर जहर खाने वाले परिवार के सभी सदस्यों की मौत हो गई। छह लोगों के परिवार में माता-पिता के साथ दो बेटियों और एक बेटे ने जहर खाया था। पहले दो बेटियों की मौत हुई फिर मां-बेटे ने भी दम तोड़ दिया और अगले दिन पिता की सांसें भी थम गईं। अब पूरे परिवार में सिर्फ सात साल का सत्यम बचा है। सत्यम को भी पिता ने जहर की गोली दी थी, लेकिन उसने गोली फेंक दी। इस वजह से उसकी जान बच गई। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को पकड़ लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
घटना नालंदा जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र की है। यहां पूरी गांव के जल मंदिर के पास एक परिवार के पांच लोगों ने जहर खा लिया था। परिवार में कुल छह लोग थे और सबसे छोटे बेटे सत्यम को छोड़कर सभी ने जहर खाया था। पूरा परिवार सूदखोरों से परेशान था, जो ब्याज के पैसों को लेकर प्रताड़ित कर रहे थे।
जहर खाने वाले सभी लोगों की मौत
जहर खाने से परिवार के सभी पांच लोगों की हालत बिगड़ गई थी। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को इलाज के लिए विम्स लाया गया था। यहां इलाज के दौरान शुक्रवार रात दो बेटियों की मौत हो गई और दूसरे दिन मां-बेटे की भी मौत हो गई थी। परिवार के मुखिया धर्मेंद्र कुमार दो दिन तक विम्स में भर्ती रहे। हालत बिगड़ने पर उन्हें पटना पीएमसीएच रेफर किया गया, जहां शनिवार रात उनकी भी मौत हो गई। जहर खाने वालों में दुकानदार धर्मेंद्र कुमार, उनकी 38 वर्षीय पत्नी सोनी कुमारी, 14 साल की बेटी दीपा, 16 साल की अरिका और 15 साल का पुत्र शिवम कुमार शामिल है।
कपड़े की दुकान चलाते थे धर्मेंद्र
धर्मेंद्र, जलमंदिर के पास श्री काली मां साड़ी सेंटर नामक दुकान चलाते थे। उनका पैतृक घर शेखपुरा जिले में है। पावापुरी में परिवार किराए पर रहता था। ग्रामीणों ने बताया कि माता-पिता के साथ तीन बेटियां और दो बेटे भी रहते थे। छोटा पुत्र 7 वर्षीय सत्यम जहर नहीं खाया। सत्यम ने बताया कि पापा उसे भी सल्फास दिए थे। वह खाने के बजाय उसे फेंक दिया। सत्यम फिलहाल अपने मामा के पास है। कर्ज का ब्याज नहीं देने पर उनके माता-पिता को प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी कारण सभी ने जहर खाया।
एक आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। काली मंदिर के बाबा की इस कांड में भागीदारी देखी जा रही है। बाबा ने ही धर्मेंद्र को लोन पर पैसे दिलाए थे और आत्महत्या करने से पहले परिवार के सभी लोग बाबा के पास मंदिर में गए थे। इसके बाद वहीं पर खेत के पास जहर और कोल्ड ड्रिंक पी। एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। धर्मेंद्र कुमार की पत्नी सोनी देवी ने अपने पुलिस के सामने दिए बयान में बताया था कि काली मंदिर के बाबा ने उन्हें कर्ज दिला कर फंसा दिया।
(नालंदा से शिवकुमार की रिपोर्ट)
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