
2) सुनील दत्त ने 'अख्तर' नाम से कुछ समय लखनऊ के अमीनाबाद में एक मुसलमान औरत के घर पर बिताया। मुंबई आने के बाद मुंबई परिवहन सेवा के बस डिपो में सुनील दत्त ने कंडक्टर के रूप में 120 रूपये प्रति माह की आय पर भी काम किया। फिल्म जगत में सन् 1955-1957 तक अपने कदम जमाने के लिए सूनील दत्त लगातार दो साल स्टूडियो से स्टूडियो तक भटकते रहे।