छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के कार्यकाल में कथित रूप से हुए शराब घोटाले मामले और महादेव बेटिंग ऐप मामले में छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने बयान दिया है। विष्णु देव साय ने कहा, 'भूपेश बघेल के समय में हर शराब की दुकान में दो काउंटर होते थे। एक काउंटर का हिसाब-किताब सरकार के पास जाता था और दूसरे काउंटर का हिसाब किताब उनके सरकार के लोगों के पास जाता था। उस समय राजस्व 5000 करोड़ के आसपास आता था। लेकिन जब हमने लीकेज बंद कर दिया तो आज वही राजस्व 10 हजार करोड़ से ज्यादा हो गया है। उस समय भी शराब बिकती थी और इस समय भी बिक रही है। लेकिन उस समय राजस्व 5 हजार करोड़ आता था और अब 10 हजार करोड़ से ज्यादा का हो गया है।'
महादेव बेटिंग ऐप और शराब घोटाले पर क्या बोले सीएम विष्णुदेव साय
वहीं महादेव बेटिंग ऐप को लेकर सीएम विष्णु देव साय ने कहा, '5 सालों में जो भी घोटाले हुए हैं, सबकी जांच हुई है। कोयला घोटाले में उनके लोग जेल में हैं। शराब घोटाला में उनके आबकारी मंत्री जेल में हैं। डीएमए घोटाले में उनके लोग अंदर हैं। महादेव बेटिंग ऐप में उनके ऊपर प्रोटेक्शन मनी लेने का आरोप है। अगर ये सब बात झूठी है तो उनके लोग जो जेल के अंदर हैं उनकी बेल क्यों नहीं हो रही है।' वहीं हेमंत सोरेन को लेकर उन्होंने कहा, 'हेमंत सोरेन हों या कांग्रेस हो। ये लोग आदिवासी विरोधी शुरू से ही रहे हैं। जब द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति का प्रत्याशी के रूप में भाजपा चयन कर रही थी, तब भी इन लोगों ने विरोध किया था। हेमंत सोरेन आज कांग्रेस के साथ ही सरकार चला रहे हैं। द्रौपदी मुर्मू जब राष्ट्रपति बन गईं तो मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रपति के लिए विवादित बयान दिया था।'
कांग्रेस ने आदिवासियों को वोट बैंक समझा: विष्णुदेव साय
विष्णुदेव साय ने कहा, 'देश में 60 साल तक इन लोगों ने राज किया, लेकिन आदिवासी लोगों को केवल वोटबैंक इन्होंने समझा। लेकिन आज भाजपा और नरेंद्र मोदी की सरकार आई है, तो आदिवासियों का सम्मान बढ़ाने का काम हो रहा है। देश का जो सर्वोच्च पद है राष्ट्रपति का, उसपर हमारी समुदाय की द्रौपदी मुर्मू बैठी हैं। 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा के जयंती के रूप में मोदी जी ने ही स्थापित किया। ट्राइबल बहुल गांव के विकास के लिए भाजपा की सरकार योजना लेकर आई है। किनकी बातों में कितनी सच्चाई है इससे पता चलता है।'