नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच पार्किंग महंगी हो गई है। पर्यावरण विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, जब भी राजधानी में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-III (गंभीर) और चरण-IV (अति गंभीर) लागू होगा तब शहर में मौजूद सभी पार्किंग स्थलों पर वाहन पार्क करने का शुल्क दोगुना वसूला जाएगा।
दिल्ली में वाहन प्रदूषण के लिए जिम्मेदार
इससे वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के लिए वाहनों से होने वाला प्रदूषण सबसे अधिक जिम्मेदार है। इसके साथ ही, आयोग ने बिगड़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार के लिए 15 दीर्घकालिक उपायों की सिफारिश की। आयोग की ओर से न्यायालय में पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ को बताया कि 2015 से 2025 तक के अध्ययनों के विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली में पीएम2.5 (हवा में 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास के कण) की मौजूदगी का कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के भीतर प्राथमिक उत्सर्जन (धूल, कार्बन मोनोऑक्साइड) और द्वितीयक कण का मिश्रण है।
दिल्ली में प्रदूषण बहुत खराब श्रेणी में
बता दें कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में बुधवार सुबह मामूली सुधार हुआ लेकिन यह अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार सुबह नौ बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एएक्यूआई) 339 दर्ज किया गया। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह शहर का एक्यूआई 395 था जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के मुताबिक, सभी निगरानी स्टेशन में से 30 में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ और आठ में ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। जहांगीरपुरी में वायु गुणवत्ता सबसे खराब रही जहां एक्यूआई 390 दर्ज किया गया।