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अगर प्रवेश वर्मा दिल्ली के मुख्यमंत्री बन जाते तो क्या फर्क पड़ता? सीएम रेखा गुप्ता ने दिया ये जवाब

 Published : Mar 15, 2025 06:23 pm IST,  Updated : Mar 15, 2025 06:30 pm IST

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा की 82वीं जयंती समारोह के अवसर पर मुंडका में आयोजित कार्यक्रम में सीएम रेखा गुप्ता भी शामिल हुईं। रेखा गुप्ता ने साहिब सिंह वर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

Rekha gupta, Parvesh Verma- India TV Hindi
रेखा गुप्ता और प्रवेश वर्मा Image Source : PTI

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि कैबिनेट सहयोगी प्रवेश वर्मा के साथ उनका रिश्ता भाई-बहन जैसा है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर पार्टी प्रवेश वर्मा को ही दिल्ली का सीएम चुनती तो क्या होता? प्रवेश वर्मा के साथ काम करने में वह कितना सहज रहती? बता दें कि प्रवेश वर्मा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। 

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फर्क नहीं पड़ता कि मुख्यमंत्री की कुर्सी किसके पास है

रेखा गुप्ता ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मुख्यमंत्री की कुर्सी किसके पास है। उन्होंने प्रवेश वर्मा के साथ मिलकर दिल्ली के लिए दिवंगत भाजपा नेता (साहिब सिंह वर्मा) के सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। रेखा गुप्ता ने साहिब सिंह वर्मा की 82वीं जयंती पर मुंडका में उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। गुप्ता ने कहा," प्रवेश वर्मा को भी मुख्यमंत्री बनाया जा सकता था और मुझे मंत्री, अगर ऐसा होता तब भी चीजें मेरे लिए वैसी ही होतीं।" 

बड़ी बहन को पहले दी जाती है जिम्मेदारी 

रेखा गुप्ता ने कहा कि भारतीय समाज में परंपरागत रूप से बड़ी बहन को पहले जिम्मेदारी दी जाती है। साथ ही उन्होंने इस बात को लेकर खुशी जताई कि 'बहन' अब दिल्ली की मुख्यमंत्री है और 'भाई' मंत्री है। भाजपा ने पांच फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) के 10 साल के शासन को समाप्त कर दिया और 26 साल से अधिक समय के बाद राजधानी में सरकार बनाई।

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे थे प्रवेश वर्मा

आठ फरवरी को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रवेश वर्मा को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था। प्रवेश वर्मा के साथ बैठी गुप्ता ने कहा कि उनका और भाजपा नेता का भाई-बहन का रिश्ता है। साथ ही कहा कि साहिब सिंह वर्मा के दोनों बच्चों में से एक मुख्यमंत्री हैं और दूसरा मंत्री। गुप्ता ने दिल्ली के विकास में दिवंगत नेता के योगदान की भी प्रशंसा की तथा उनके कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। 

साहिब सिंह वर्मा के अधूरे काम को आगे बढ़ाएंगे

गुप्ता ने कहा, "साहिब सिंह वर्मा के अधूरे काम को आगे बढ़ाने के लिए हम भाई-बहन की तरह मिलकर काम करेंगे।" एक घटना को याद करते हुए गुप्ता ने कहा कि जब वह दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) की अध्यक्ष बनीं तो उस समय मुख्यमंत्री रहे साहिब सिंह ने उन्हें बधाई देने और प्रोत्साहित करने के लिए फोन किया था। 

अगले 50 वर्षों के लिए लाभकारी हों, ऐसे काम हम करेंगे-प्रवेश वर्मा

दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं के लिए अपने पिता के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा, "हमारा लक्ष्य ऐसे कार्य करना है जो न केवल पांच वर्षों के लिए, बल्कि अगले 50 वर्षों के लिए लाभकारी हों।" मुंडका गांव में 15 मार्च 1943 को जन्मे साहिब सिंह वर्मा 27 फरवरी 1996 से 12 अक्टूबर 1998 तक दिल्ली के चौथे मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। उनका 30 जून 2007 को 64 वर्ष की आयु में निधन हुआ। (इनपुट-भाषा)

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