Wednesday, March 04, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. क्या होता है PRT, TGT और PGT शिक्षक में अंतर? जान लें बनने की एलिजिबिलिटी

क्या होता है PRT, TGT और PGT शिक्षक में अंतर? जान लें बनने की एलिजिबिलिटी

Edited By: Akash Mishra @Akash25100607 Published : Nov 23, 2025 07:52 pm IST, Updated : Nov 23, 2025 07:52 pm IST

क्या होता है PRT, TGT और PGT शिक्षक में अंतर? आइए इस खबर के जरिए संबंधित विवरण से अवगत होते हैं। साथ ही जानते हैं कि PRT, TGT या PGT शिक्षक बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए।

सांकेतिक फोटो- India TV Hindi
Image Source : PEXELS सांकेतिक फोटो

शिक्षक एक सम्मानजनक और बेहद जिम्मेदाराना पेशा है। चाहे हमारा देश भारत हो या फिर कोई अन्य देश, इस पेशे की अलग ही पहचान होती है। कहा जाता है कि किसी भी देश का भविष्य एक शिक्षक ही बनाता है। आपको बता दें कि शिक्षक भी कई तरह के होते हैं, जैसे प्राइमरी स्कूल टीचर्स(PRT), जूनियर स्कूल टीचर्स, ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स (TGT), पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स (PGT)। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि पीआरटी, टीजीटी, पीजीटी शिक्षकों में क्या अंतर है? अगर आप नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं, आज इस खबर के जरिए हम यही जानेंगे। 

  • पीआरटी- प्राइमरी स्कूल टीचर्स(PRT)
  • टीजीटी- ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स (TGT)
  • पीजीटी- पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स (PGT)

क्या होता है PRT, TGT और पीजीटी में अंतर? 

प्राइमरी स्कूल टीचर्स(PRT)- ये शिक्षक प्राइमरी क्लासेज को पढ़ाते हैं (कक्षा 1 से कक्षा 5 तक), जैसा कि इसकी फुल फॉर्म में ही साफ झलक रहा है। इसके लिए उम्मीदवारों का ग्रेजुएट+डीएलएड+ टीईटी पेपर 1 पास होना आवश्यक है। इसके बाद वैकेंसी एग्जाम क्वालिफाई करने के बाद मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।

टीजीटी- ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स (TGT)- ये शिक्षक 6वीं से 10वीं क्लास तक के बच्चों को पढ़ाते हैं।  Trained Graduate Teacher बनने के लिए, B. Ed पास करना होता है। TET क्वालिफाइड होना चाहिए। ये मैथ्स, साइंस, सोशल स्टडीज़, लैंग्वेज और दूसरे स्पेशल सब्जेक्ट्स पढ़ाते हैं।

पीजीटी- पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स (PGT)- ये शिक्षक 11वीं से 12वीं तक के बच्चों को पढ़ाते हैं। इसके लिए उम्मीदवार का पोस्ट ग्रेजुएट+बीएड होना आवश्यक है। TGT और PGT में फ़र्क यह है कि TGT ग्रेजुएशन के बाद B.Ed करता है, जबकि PGT बनने के लिए, कैंडिडेट के पास B.Ed कोर्स के लिए अप्लाई करने से पहले या बाद में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री होनी चाहिए। इस तरह, एक ही B.Ed डिग्री के साथ, ग्रेजुएट कैंडिडेट को TGT और पोस्ट ग्रेजुएट कैंडिडेट को PGT कहा जाता है।

ये भी पढ़ें- 

पंजाब नेशनल बैंक में एक लोकल बैंक ऑफिसर को कितनी सैलरी मिलती है? जानें यहां 

Latest Education News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। एजुकेशन से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement