फिल्म इंडस्ट्री में बिना किसी गॉडफादर के अपनी पहचान बनाने वाले सुपरस्टार खेसारी लाल यादव कई दिनों से अपने गानों और फिल्मों को लेकर चर्चा में है। भोजपुरी सिनेमा में अपनी एक्टिंग और आवाज का जलवा दिखा चुके खेसारी लाल आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। लेकिन, एक वक्त ऐसा था जब उन्हें अपने घर का गुजारा करने के लिए दूध और लिट्टी-चोखा बेचना पड़ा था। कड़ी मेहनत और अपने टैलेंट के दम पर आज वह भोजपुरी सिनेमा के टॉप हाईएस्ट पेड एक्टर्स में से एक हैं। आज वह मेकर्स से लाखों-करोड़ों रुपए चार्ज करते हैं।
खेसारी लाल के लिए सफलता की सीढ़ी चढ़ना आसान नहीं था। उन्होंने कई मुश्किलों को पार कर ये मुकाम हासिल किया है। भोजपुरी सिनेमा के टॉप एक्टर्स में से एक खेसारी ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में और गाने दिए हैं, जिसकी बदौलत आज वह दुनिया भर में जाने जाते हैं। भोजपुरी एक्टर खेसारी ने लहरें को दिए इंटरव्यू में बताया था, 'जब मेरा जन्म हुआ था तो उस समय मेरा घर नहीं था। बारिश और बाढ़ में वो ढह गया था क्योंकि घर मिट्टी का था। हमारे पास बचपन में त्योहार के दिन पहने के लिए नए कपड़े भी नहीं थे। मैंने अपने परिवार के लिए लिट्टी-चोखा भी बेचा है तब जाकर आज सुपरस्टार हूं।'
खेसारी लाल ने आगे कहा, 'मैं स्टेज शोज करता था। मैं उस वक्त रामायण और महाभारत का गायक था, जिसके लिए मुझे 100 से लेकर 1100 रुपए तक मिल जाया करते थे। उसी दौरान मैंने एक कैसेट बनाई जो बिहार में हिट हुआ। मेरे पिता के सपोर्ट से मुझे आगे बढ़ाने की हिम्मत मिली। फिर मेरी किस्मत चमकी और मुझे एक कैसेट मालिक ने ऑफर दिया कि वो मेरा गाना फ्रि में रिकॉर्ड करेंगे और मेरे लिए खुशी की बात यह थी कि वह गाना हिट हुआ। इस कैसेट के लिए काम करते हुए मैंने एलबम 'माल भेटाई मेला में' गाया, जिसने मुझे स्टार बना दिया।' भोजपुरी म्यूजिक एलबम से हिट होने के बाद उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 'साजन चले ससुराल' से की थी।
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