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BLOG: जिंदगी को जीने के एक अलहदा अंदाज का नाम है रेखा

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 09, 2016 05:51 pm IST,  Updated : Oct 09, 2016 05:51 pm IST

रेखा के व्यक्तित्व के कई आयाम हैं । और हर आयाम की कोई सीमा’रेखा’ नहीं है। चाहे वो रेखा की खूबसूरती हो या फिर अदाकारी। रेखा की विरह वेदना हो या फिर एकाकी जीवन जीने का नज़रिया। रेखा के रहस्य हों या फिर जीवन में प्रेम के विविध रूप। रेखा बेमिसाल हैं।

Rekha | PTI File Photo- India TV Hindi
Rekha | PTI File Photo

विशाल दूबे

‘बस एक बार मेरा कहा मान लीजिए’, 'इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं, इन आंखों से वाबस्ता अफसाने हजारों हैं, इक सिर्फ हमीं मय को आंखों से पिलाते हैं, कहने को तो दुनियां में मयखाने हजारों हैं’। लगभग 35 साल पहले शहरयार ने गाने के ये बोल अभिनेत्री रेखा के लिए लिखे थे। इन 35 सालों में सबकुछ बदला मगर जो नहीं बदला उसे कहते हैं रेखा की खूबसूरती। गाने की लाइनों में सिर्फ हजारों का जिक्र हुआ है लेकिन इस करिश्माई अभिनेत्री के दीवानों की फेहरिश्त इतनी लंबी है कि गिनती करने लग जाएं तो शायद ये उम्र भी कम पड़ जाए। क्योंकि रेखा की आंखों में मस्ती भी है और भरपूर मादकता भी।

जिस अभिनेत्री की उम्र (60 साल से ऊपर) से आधी उम्र वाली अभिनेत्रियां भी रस्क खा जाएं उस खूबसूरती का दूसरा नाम है रेखा। मैं सिर्फ रेखा की खूबसूरती की ही बात नहीं करूंगा। रेखा के व्यक्तित्व के कई आयाम हैं । और हर आयाम की कोई सीमा’रेखा’ नहीं है। चाहे वो रेखा की खूबसूरती हो या फिर अदाकारी। रेखा की विरह वेदना हो या फिर एकाकी जीवन जीने का नज़रिया। रेखा के रहस्य हों या फिर जीवन में प्रेम के विविध रूप। रेखा बेमिसाल हैं। रेखा अद्भुत हैं। रेखा शब्दों से परे हैं। रेखा एक ऐसा संसार हैं  जिसके रहस्य कोई नहीं जान सकता, सिवाय रेखा के। इसीलिए इस खूबसूरत हसीन अदाकारा के बारे में सिर्फ एक ही शब्द कहूंगा- ‘संपूर्ण अभिनेत्री’।

रेखा को अदाकारी तो विरासत में मिली लेकिन लोग बताते हैं कि बचपन में रेखा काफी मोटी और सांवली दिखती थीं लेकिन वक्त के साथ-साथ सुंदरता की देवी मेहरबान हुईं और रेखा खूबसूरत और छरहरी काया वाली अभिनेत्री में बदलती चली गईं। रेखा की खूबसूरती और अदाकारी किसी को भी उनको अपना दीवाना बनाने के लिए काफी है लेकिन रेखा के जीवन का एक ऐसा अबूझ पहलू भी है जो लोगों को चौंकाता है, झकझोरता है, सोचने पर मजबूर करता है। और वह है रेखा के जीवन में प्रेम की विरह वेदना। अगर हम यह कहें कि रेखा एक ऐसा व्यक्तिव हैं जिसने अपने अंदर एक ओर विरह की आग को भी समाया है तो दूसरी ओर प्यार की बहती गंगा को भी स्थान दिया है।

रेखा ने विरह का विष पीकर फिल्म इंडस्ट्री को हमेशा अमृत ही दिया। इस अभिनेत्री के जीवन में प्यार के बसंत तो आए मगर जीवन पतझड़ ही बना रहा। रेखा के जीवन में इस प्रेम ने कई रूपों में दस्तक दी। कुछ ने रेखा को अपनी संगिनी बनाया तो कुछ लोगों के साथ रेखा का नाम भी जोड़ा गया। कुछ फिल्मी बिरादरी से थे तो कुछ गैरफिल्मी बिरादरी से, लेकिन अन्तत: रेखा का किसी ने अगर भरपूर साथ दिया तो वह है रेखा और उनकी तन्हाई। इस बारे में सवाल पूछने पर रेखा बड़े ही बेबाकी से जवाब देती हैं कि ‘तन्हा रहना भी एक ज़िंदगी है’। रेखा के जीवन में इश्क आता रहा और जाता रहा। वो भले ही इस इश्क से महरूम होती रहीं लेकिन इससे उनके चेहरे का नूर बढ़ता रहा और उनकी अदायगी को चार चांद लगते रहे।

कहा जाता है किसी किरदार को सौ फीसदी जीना बड़ा मुश्किल काम है लेकिन रेखा को परदे पर देखकर अभिनय और वास्तविकता में फर्क करना मुश्किल हो जाता हे। इसकी मिसाल हैं उनकी फिल्में। अपने 40 साल लंबे करियर में लगभग 180 से ज्यादा फिल्मों में अपने अभिनय की चमक बिखेरने वाली ये जादूगरनी आज भी जवां दिलों की धड़कन है। इनकी प्रमुख फिल्में हैं- आस्था, सिलसिला, मुकद्दर का सिकंदर, उमराव जान, खून भरी मांग, उत्सव, खिलाड़ियों का खिलाड़ी, खूबसूरत, दो अनजाने आदि। रेखा का एक और स्वभाव जो सबसे ज्यादा मनमोहक लगता है वो है छोटे बच्चों के प्रति उनका प्यार और ममता। शायद इसीलिए उम्र के इस पड़ाव पर भी वो दिल से बच्ची हैं। उम्र ढलने के साथ-साथ उनकी खूबसूरती में निखार आता जा रहा है। इसीलिए इस अभिनेत्री के दीवाने आज भी कतार में खड़े होकर बस यही गुनगुनाते हैं। ‘दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए, बस एक बार मेरा कहा मान लीजिए’।

(लेखक विशाल दूबे उर्फ 3D युवा पत्रकार, व्‍यंग्‍यकार हैं और वर्तमान में इंडिया टीवी में कार्यरत हैं)

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