पुणे- भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के आंदोलनकारी छात्रों को समर्थन देने के लिए अभिनेत्री पल्लवी जोशी आज संस्थान परिसर में पहुंची जबकि गतिरोध को समाप्त करने के लिए बातचीत की वकालत करते हुए सरकार के पत्र से जमीनी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं दिखाई देता है। एफटीआईआई के अध्यक्ष पद से अभिनेता और भाजपा सदस्य गजेंद्र चौहान को हटाने की मांग को लेकर संस्थान के छात्रों की हड़ताल आज 104वें दिन में प्रवेश कर गयी। आंदोलन करने वाले छात्रों की मांग को सबसे पहले समर्थन जताने वालों में पल्लवी जोशी शामिल रहीं थीं, जब उन्होंने एफटीआईआई सोसायटी से इस्तीफा दे दिया था।
पल्लवी ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार को मध्यस्थता के लिए तथा गतिरोध को समाप्त करने के लिए मनोरंजन उद्योग के सदस्यों की एक समिति बनाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि परिसर में छात्रों को भूख हड़ताल पर बैठे देखना दुखद है। उन्होंने कहा कि चौहान की नियुक्ति को रद्द किया जाना चाहिए और इस बारे में कोई दो राय नहीं हो सकतीं।
इस बीच हड़ताल की अगुवाई कर रहे एफटीआईआई छात्र संघ (एफएसए) ने गतिरोध तोड़ने के लिहाज से बातचीत के लिए संघ को आमंत्रित करने वाले सूचना और प्रसारण मंत्रालय के ताजा पत्र का जवाब दिया है।
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एफएसए के सूत्रों के मुताबिक उन्होंने बातचीत की इच्छा जताते हुए 22 सितंबर के मंत्रालय के पत्र का जवाब दिया है, लेकिन वे मंत्रालय के संप्रेषण के तरीके से आशंकित हैं जो प्रस्तावित वार्ता के लिए पूर्व-शर्त निर्धारित करता हुआ लगता है।