तापसी पन्नू ने अपने करियर में बीते कुछ साल से एक खास तरह के किरदारों को निभाने में दिलचस्पी दिखाई है। बीते दिनों रिलीज हुई फिल्म अस्सी में भी उन्होंने एक गहरा और असरदार रोल निभाया है और खूब तारीफें बटोरी हैं। साथ ही तापसी ने इस तरह के किरदारों को लेकर आने वाली चुनौतियों पर भी बात की है। 'पिंक' और 'मुल्क' जैसे समाज को आइना दिखाने वाले ड्रामों से लेकर 'हसीन दिलरुबा' जैसे थ्रिलर और 'सांड की आंख' जैसे स्पोर्ट्स बायोग्राफिकल ड्रामा तक, इस एक्ट्रेस ने लगातार ऐसी कहानियों का साथ देकर अपनी एक अलग पहचान बनाई है जो पुरानी सोच को चुनौती देती हैं। अब उनकी नई फिल्म 'अस्सी' के आने के साथ ही, एक बार फिर उस खास पहचान की चर्चा हो रही है जो उन्होंने इंडस्ट्री में अपने दम पर बनाई है।
बहुत से दर्शकों के लिए, तापसी पन्नू की फिल्म का मतलब ही होता है—गहरे किरदार, सोचने पर मजबूर कर देने वाली कहानी और दमदार परफॉरमेंस। अपनी फिल्मों के ज़रिए अपने नाम की एक खास पहचान बनाने की चुनौती पर बात करते हुए उन्होंने कहा, बहुत ज्यादा। पीछे मुड़कर देखते हुए तापसी कहती हैं कि उनकी पसंद के पीछे कोई बहुत सोच-समझकर बनाया गया प्लान नहीं था। जब उन्होंने शुरुआत की थी, तब उनके पास ऑप्शन भी कम थे। उन्होंने बताया, 'शुरुआत में आपके पास कम विकल्प होते हैं, और आप वही चुनते हैं जो आपको सबसे सही लगता है। फिर कुछ ऐसा क्लिक हुआ, जिससे और रास्ते खुलते गए। और फिर धीरे-धीरे आपको अपनी मंजिल मिल गई। इतनी सारी फिल्में करने के बाद मुझे समझ आया कि मुझे ऐसी फिल्में बनाने में मजा आ रहा है और दर्शक भी इन्हें देखना पसंद कर रहे हैं। वैचारिक तौर पर भी इन फिल्मों या किरदारों को करते वक्त मेरे अंदर कोई उलझन नहीं होती। मैंने कभी इसे अपने करियर के तौर पर नहीं सोचा था। इसलिए मेरे लिए ऐसा कुछ नहीं था कि मैं फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह से आगे बढ़ूंगी कि पहले ऐसी फिल्में करूंगी, फिर वैसी। मैंने कभी ऐसा कोई रास्ता नहीं बनाया था।'
तापसी कहती हैं कि उन्होंने काम की बारीकियां और इंडस्ट्री को साथ-साथ सीखा है, और कदम-दर-कदम आगे बढ़ी हैं। आज भी, वो अपने करियर को उसी भूख के साथ देखती हैं जो उनमें शुरुआत के समय थी। उन्होंने बताया, 'मैंने काम करते-करते ही अपना काम सीखा। इसलिए यह एक बहुत कठिन लड़ाई रही है। मैंने अच्छे, बुरे और बहुत बुरे दिन देखे हैं। जाहिर है, हर किसी की तरह। मुझे नहीं लगता कि इस इंडस्ट्री में किसी के लिए भी राह बहुत आसान होती है। हर किसी की अपनी लड़ाइयां, जीत और हार होती है। मुझे यहां तक पहुंचने में लंबा समय लगा। लेकिन अगर मैं इसे देखूं, तो मुझे अभी भी ऐसा महसूस नहीं होता कि अब कुछ बड़ा हो गया है और मैं आराम कर सकती हूं, या मैं यहां टिक गई हूं। मुझे अभी तक वो 'मुकाम हासिल कर लेने' वाली फीलिंग उतनी नहीं आती। मुझे अब भी लगता है कि मुझे अभी बहुत कुछ करना है।'
ये भी पढ़ें- Dhurandhar Re-release: अक्षय खन्ना का फिर चलेगा जादू, सीक्वल से पहले थिएटर में दोबारा लौट रही रणवीर सिंह की 'धुरंधर'
रामायण के सेट से सामने आई रणबीर कपूर की फोटो, डिजाइनर ने शेयर किया क्यूट मोमेंट, वायरल हुई तस्वीर
संपादक की पसंद