1. Hindi News
  2. Explainers
  3. Explainer: दुनियाभर के बाजार का निकला दम, कहीं मंदी की आहट तो नहीं! आखिर क्या मानते हैं एक्सपर्ट्स

Explainer: दुनियाभर के बाजार का निकला दम, कहीं मंदी की आहट तो नहीं! आखिर क्या मानते हैं एक्सपर्ट्स

 Published : Mar 11, 2025 03:07 pm IST,  Updated : Mar 11, 2025 03:15 pm IST

सोमवार को टेस्ला के शेयरों में 15.4% की गिरावट आई, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चिप दिग्गज एनवीडिया में 5% से ज्यादा की गिरावट आई।

घरेलू शेयर बाजार को लेकर बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।- India TV Hindi
घरेलू शेयर बाजार को लेकर बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। Image Source : PIXABAY

दुनियाभर के बाजारों में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली। भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा। सोमवार को अमेरिका में शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के नकारात्मक आर्थिक प्रभाव के बारे में चिंता जताई। संभावित मंदी के बारे में जब डोनाल्ड ट्रम्प से पूछा गया तो राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था संक्रमण के दौर में है। ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल तैर रहे हैं कि क्या आज के हालात दुनिया को मंदी की तरफ ले जा रहे हैं? हालांकि, भारतीय शेयर मार्केट एक्सपर्ट आज के बाजार के हालात को लेकर ऐसी सोच नहीं रखते हैं।

क्या कहते हैं मार्केट एक्सपर्ट

शेयर बाजार विश्लेषक संदीप जैन का कहना है कि मंदी जैसे हालात नहीं होने वाले हैं। यह अमेरिका की तरफ से छेड़ी गई टैरिफ वॉर का असर है। यह असर भी स्थायी नहीं रहने वाला है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ बढ़ाने वाली जिद से आने वाले समय में अमेरिका को ही नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका टैरिफ नीतियों को लेकर अड़ा रहेगा तो खुद अमेरिका में इसका विरोध होना शुरू हो सकता है। वहां के हालात बिगड़ सकते हैं। साथ ही दुनिया के कई देशों से अमेरिकी टैरिफ को मजबूत जवाब मिलने के बाद इसका असर बाजार पर ढीला पड़ने लगेगा। उन्होंने कहा कि घरेलू शेयर बाजार को लेकर बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। बाजार फिर पटरी पर लौट आएगा।

जैन कहते हैं कि जून तिमाही के बाद उम्मीद है कि घरेलू शेयर बाजार फिर से अपने लय में लौट सकता है। जून तिमाही में कंपनियों के नतीजे बेहतर आने की उम्मीद है, जिसका असर बाजार को मजबूत सपोर्ट के तौर पर देखने को मिल सकता है। भारतीय निवेशकों के लिए जैन की एक सलाह है कि फिलहाल हाई वैल्युएशन वाले शेयरों की खरीदारी से बचें। उन्होंने कहा कि बाजार में लगातार गिरावट के चलते एफडी की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा है।

अमेरिकी मार्केट में भारी हलचल दिखी

सोमवार को टेस्ला के शेयरों में 15.4% की गिरावट आई, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चिप दिग्गज एनवीडिया में 5% से ज्यादा की गिरावट आई। मेटा, अमेज़ॅन और अल्फाबेट सहित अन्य प्रमुख तकनीकी शेयरों में भी भारी गिरावट आई। सोमवार को न्यूयॉर्क में, अमेरिका में लिस्टेड सबसे बड़ी कंपनियों को ट्रैक करने वाले एसएंडपी 500 ने कारोबारी दिन 2.7% कम पर खत्म किया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2% गिरा।

एशियाई और यूरोपियन मार्कट का रुझान

यूरोप में उथल-पुथल के फैलने के बहुत कम संकेत मिले क्योंकि FTSE 100 इंडेक्स, जो यूके में सूचीबद्ध सबसे बड़ी कंपनियों को ट्रैक करता है, और जर्मन डैक्स दोनों मंगलवार को सपाट खुले। फ्रांसीसी Cac 40 थोड़ा ऊपर खुला। मंगलवार को, एशियाई शेयरों में पहले तो तेज गिरावट आई, फिर सुधार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.6% नीचे बंद हुआ और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.3% नीचे बंद हुआ। मंगलवार को पाउंड और यूरो के मुकाबले डॉलर में और गिरावट आई, जो महीने की शुरुआत से ही तेजी से गिर रहा था। जानकार कहते हैं कि ट्रंप टैरिफ पर अपने अगले कदम के बारे में राजनीतिक नेताओं को अनुमान लगाने पर मजबूर कर रहे हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि वे निवेशकों को भी अनुमान लगाने पर मजबूर कर रहे हैं और यह बाजार के खराब मूड में दिखता है। मंदी की बात करना अभी समय से पहले हो सकता है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Explainers से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।