भारत का पड़ोसी देश नेपाल जल रहा है। सड़कों पर Gen Z उतर आए हैं। Gen Z के खतरनाक प्रदर्शन के चलते नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को इस्तीफा देना पड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व पीएम देउबा समेत सरकार के मंत्रियों और नेताओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है। पीएम के इस्तीफे के साथ ही नेपाल में सरकार का तख्तापलट हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन को आग के हवाले कर दिया। वहां रखे कीमती समान को लूट लिया है। पिछले चार सालों में भारत के चार पड़ोसी देशों ने सत्ता का तख्तापलट देखा है।
भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान में 15 अगस्त 2021 को तख्तापलट हुआ था, जब तालिबान ने तेजी से अफगान सरकार पर कब्जा कर लिया। यह तख्तापलट सड़कों पर तालिबानियों द्वारा खुले आम ताबड़तोड़ गोलीबारी की गई थी। तालिबानियों ने राष्ट्रपति आवास में घुसकर कीमती समान को लूट लिया था। सरकारी आवास में जमकर उत्पात मचाया था। अफगानिस्तान का तख्तापलट अमेरिकी सेनाओं की वापसी के साथ शुरू हुआ था।

अफगानिस्तान के बाद भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में तख्तापलट हुआ। श्रीलंका में 9 जुलाई 2022 लाखों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। ये सभी प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन में घुस गए। यहां जमकर उत्पात मचाया। भारी प्रदर्शन के बीच राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को पद से हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
यह एक सैन्य तख्तापलट नहीं था, बल्कि जनता के विशाल विद्रोह का परिणाम था, जिसे 'अरागलाया' (संघर्ष) आंदोलन के नाम से जाना जाता है। आर्थिक संकट, भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ लाखों नागरिकों के प्रदर्शनों ने सरकार को गिरा दिया, जिससे अनुरा कुमारा दिसानायके को नया राष्ट्रपति चुना गया।

बांग्लादेश में पिछले साल ही तख्तापलट की घटना हुई है। 5 अगस्त, 2024 को बांग्लादेश में छात्र-नेतृत्व वाले बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक उथल-पुथल मच गई। प्रदर्शनकारी पीएम हाउस गणभवन में घुस गए। आनन-फानन में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को ढाका छोड़कर भारत आना पड़ा। प्रदर्शनाकारियों ने पीएम हाउस से कीमती समान को लूट लिया। वहां पर जमकर उत्पात मचाया।
यह तख्तापलट बांग्लादेश के इतिहास के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। जहां एक पार्टी आवामी लीग का अस्तित्व ही खत्म कर दिया है। 15 साल से अधिक समय से सत्ता पर काबिज हसीना की सरकार को जन आंदोलन ने उखाड़ फेंका। पीएम के देश छोड़ते ही सेना प्रमुख जनरल वाकेर-उज-जमान ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए हसीना के इस्तीफे की पुष्टि की और कहा कि देश में अंतरिम सरकार का गठन किया जाएगा।

इस तरह पिछले चार सालों में भारत के 4 पड़ोसी देशों में तख्तापलट की घटनाएं हुईं हैं। अफगानिस्तान में तालिबानियों का विरोध दिखा तो नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश की सड़कों पर जनता का हुजूम उतरा और कुछ दिनों के प्रदर्शन और आगजनी के बाद सरकार को गद्दी छोड़नी पड़ी।
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