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सर्दियों में साबुत मसालों का ज़्यादा सेवन सेहत के लिए है हानिकारक, जानें हो सकती हैं कौन सी परेशानियां?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Dec 31, 2024 06:26 pm IST,  Updated : Dec 31, 2024 06:38 pm IST
सर्दियों में हम साबुत मसालों का सेवन ज़्यादा करने लगते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ठंड के दिनों में हमें शरीर को गर्म रखने की ज़रूरत होती है और साबुत मसालों की तासीर गर्म होती है। दालचीनी, लौंग, काली मिर्च, इलायची और अदरक जैसे साबुत मसालों में औषधीय गुण होते हैं जो ठंड के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। ये मसाले न सिर्फ़ पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं बल्कि सर्दी, खांसी और फ्लू जैसी समस्याओं से भी बचाते हैं। इन मसालों से बने गर्म पेय जैसे कढ़ाई या मसाला चाय सर्दियों में काफ़ी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा सर्दियों में इन मसालों का इस्तेमाल व्यंजनों में स्वाद और गर्माहट लाने के लिए भी किया जाता है। इनका नियमित सेवन करने से शरीर ठंड के दुष्प्रभावों से बचा रहता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। लेकिन जहाँ साबुत मसाले शरीर को गर्म रखते हैं, वहीं सर्दियों में इनका ज़्यादा सेवन करने से शरीर को काफ़ी नुकसान भी हो सकता है। इस लेख में हम सर्दियों के दौरान बहुत अधिक मात्रा में साबुत मसालों के सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में जानेंगे।
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सर्दियों में हम साबुत मसालों का सेवन ज़्यादा करने लगते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ठंड के दिनों में हमें शरीर को गर्म रखने की ज़रूरत होती है और साबुत मसालों की तासीर गर्म होती है। दालचीनी, लौंग, काली मिर्च, इलायची और अदरक जैसे साबुत मसालों में औषधीय गुण होते हैं जो ठंड के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। ये मसाले न सिर्फ़ पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं बल्कि सर्दी, खांसी और फ्लू जैसी समस्याओं से भी बचाते हैं। इन मसालों से बने गर्म पेय जैसे कढ़ाई या मसाला चाय सर्दियों में काफ़ी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा सर्दियों में इन मसालों का इस्तेमाल व्यंजनों में स्वाद और गर्माहट लाने के लिए भी किया जाता है। इनका नियमित सेवन करने से शरीर ठंड के दुष्प्रभावों से बचा रहता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। लेकिन जहाँ साबुत मसाले शरीर को गर्म रखते हैं, वहीं सर्दियों में इनका ज़्यादा सेवन करने से शरीर को काफ़ी नुकसान भी हो सकता है। इस लेख में हम सर्दियों के दौरान बहुत अधिक मात्रा में साबुत मसालों के सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में जानेंगे।
सर्दियों में साबुत मसालों का अधिक सेवन पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। काली मिर्च और लौंग जैसे मसाले तीखे होते हैं। इससे पाचन क्रिया बढ़ सकती है। इससे पेट में गैस, अपच और जलन हो सकती है। खासकर जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर है, उन्हें इन मसालों का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए।
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सर्दियों में साबुत मसालों का अधिक सेवन पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। काली मिर्च और लौंग जैसे मसाले तीखे होते हैं। इससे पाचन क्रिया बढ़ सकती है। इससे पेट में गैस, अपच और जलन हो सकती है। खासकर जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर है, उन्हें इन मसालों का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए।
अदरक और दालचीनी जैसे साबुत मसाले शरीर में ज़्यादा गर्मी पैदा करते हैं। ज़्यादा गर्मी से त्वचा पर चकत्ते, खुजली या पसीना आ सकता है। अगर किसी के शरीर का तापमान पहले से ही ज़्यादा है, तो ज़्यादा साबुत मसालों का सेवन करने से त्वचा से जुड़ी बीमारियाँ हो सकती हैं।
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अदरक और दालचीनी जैसे साबुत मसाले शरीर में ज़्यादा गर्मी पैदा करते हैं। ज़्यादा गर्मी से त्वचा पर चकत्ते, खुजली या पसीना आ सकता है। अगर किसी के शरीर का तापमान पहले से ही ज़्यादा है, तो ज़्यादा साबुत मसालों का सेवन करने से त्वचा से जुड़ी बीमारियाँ हो सकती हैं।
अगर गर्भवती महिलाएं साबुत मसालों का अधिक सेवन करती हैं तो उन्हें पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस या अपच हो सकती है। सर्दियों में साबुत मसालों का अधिक सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकता है। ये मसाले गर्भाशय के संकुचन को बढ़ा सकते हैं। इसलिए गर्भावस्था के दौरान हल्का खाना ही खाना चाहिए।
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अगर गर्भवती महिलाएं साबुत मसालों का अधिक सेवन करती हैं तो उन्हें पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस या अपच हो सकती है। सर्दियों में साबुत मसालों का अधिक सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकता है। ये मसाले गर्भाशय के संकुचन को बढ़ा सकते हैं। इसलिए गर्भावस्था के दौरान हल्का खाना ही खाना चाहिए।
दालचीनी और काली मिर्च जैसे मसाले रक्त संचार को बढ़ाते हैं। इनका अधिक सेवन उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए हानिकारक हो सकता है। ये हृदय पर दबाव डाल सकते हैं और दिल की धड़कन बढ़ा सकते हैं, जिसका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
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दालचीनी और काली मिर्च जैसे मसाले रक्त संचार को बढ़ाते हैं। इनका अधिक सेवन उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए हानिकारक हो सकता है। ये हृदय पर दबाव डाल सकते हैं और दिल की धड़कन बढ़ा सकते हैं, जिसका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
कुछ लोगों को साबुत मसालों से एलर्जी हो सकती है। अदरक, दालचीनी और इलायची का अधिक सेवन गले में खराश, त्वचा पर चकत्ते या सांस लेने में समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए एलर्जी की आशंका होने पर इन मसालों का सेवन कम मात्रा में ही करना चाहिए।
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कुछ लोगों को साबुत मसालों से एलर्जी हो सकती है। अदरक, दालचीनी और इलायची का अधिक सेवन गले में खराश, त्वचा पर चकत्ते या सांस लेने में समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए एलर्जी की आशंका होने पर इन मसालों का सेवन कम मात्रा में ही करना चाहिए।
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