1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. हेल्थ
  4. कंसीव करने में आ रही है दिक्कत? एग क्वालिटी सुधारने और फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो

कंसीव करने में आ रही है दिक्कत? एग क्वालिटी सुधारने और फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Jun 13, 2025 07:03 am IST,  Updated : Jun 13, 2025 07:06 am IST
एक कपल को पेरेंट्स बनने से पहले कई कारकों को ध्यान में रखना होता है जिसकी प्लानिंग किए बिना आप हेल्थी प्रेगनेंसी की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। संतानसुख हर शादी शुदा जोड़े के जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। शादी के बाद लगातार प्रयास करने के बाद भी जब कोई जोड़ा गर्भधारण नहीं कर पाता है तो यह चिंता का विषय बन जाता है। उम्र बढ़ने के साथ सामान्यतः महिला हो या पुरुष दोनों की फर्टिलिटी कम होने लगती है। अक्सर 30 के बाद महिलाओं को कन्सीव करने में दिक्कत होने लगती है क्यूंकि उनका ओवेरियन रिजर्व कम होने लगता है। और पुरुषों का भी स्पर्म काउंट धीरे धीरे कम होने लगता है। आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा ने बताया कि एग क्वालिटी ख़राब होने से गर्भधारण में परेशानियों का सामना करना पड़ता है और आधुनिक दौड़ में हर 10 में से 6 निःसंतान जोड़ा इस समस्या से ग्रसित है। अगर किसी महिला की एग क्वालिटी ख़राब है तो वह अपने एग से आईवीएफ भी नहीं करवा सकती है। ऐसे में उन्हें डोनर एग की आवश्यकता होती है जो बिओलॉजिकली उनका खुद का बच्चा नहीं होता है। इसलिए ज्यादातर लोग डोनर एग के इस्तेमाल से बच
1/6 Image Source : social
एक कपल को पेरेंट्स बनने से पहले कई कारकों को ध्यान में रखना होता है जिसकी प्लानिंग किए बिना आप हेल्थी प्रेगनेंसी की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। संतानसुख हर शादी शुदा जोड़े के जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। शादी के बाद लगातार प्रयास करने के बाद भी जब कोई जोड़ा गर्भधारण नहीं कर पाता है तो यह चिंता का विषय बन जाता है। उम्र बढ़ने के साथ सामान्यतः महिला हो या पुरुष दोनों की फर्टिलिटी कम होने लगती है। अक्सर 30 के बाद महिलाओं को कन्सीव करने में दिक्कत होने लगती है क्यूंकि उनका ओवेरियन रिजर्व कम होने लगता है। और पुरुषों का भी स्पर्म काउंट धीरे धीरे कम होने लगता है। आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा ने बताया कि एग क्वालिटी ख़राब होने से गर्भधारण में परेशानियों का सामना करना पड़ता है और आधुनिक दौड़ में हर 10 में से 6 निःसंतान जोड़ा इस समस्या से ग्रसित है। अगर किसी महिला की एग क्वालिटी ख़राब है तो वह अपने एग से आईवीएफ भी नहीं करवा सकती है। ऐसे में उन्हें डोनर एग की आवश्यकता होती है जो बिओलॉजिकली उनका खुद का बच्चा नहीं होता है। इसलिए ज्यादातर लोग डोनर एग के इस्तेमाल से बच
एवोकाडो खाएं: एवोकाडो एक ऐसा फल है जिसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। इसके नियमित सेवन से महिलाओं की एग क्वालिटी में सुधार होता है। एवोकाडो को आप अपनी डाइट में कई तरीके से शामिल कर सकते हैं। जैसे: आप इसको काटकर ऐसे भी खा सकते हैं, ब्रेड के साथ सैंडविच बनाकर इसका सेवन किया जा सकता है या सलाद बनाकर भी खा सकते हैं।
2/6 Image Source : social
एवोकाडो खाएं: एवोकाडो एक ऐसा फल है जिसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। इसके नियमित सेवन से महिलाओं की एग क्वालिटी में सुधार होता है। एवोकाडो को आप अपनी डाइट में कई तरीके से शामिल कर सकते हैं। जैसे: आप इसको काटकर ऐसे भी खा सकते हैं, ब्रेड के साथ सैंडविच बनाकर इसका सेवन किया जा सकता है या सलाद बनाकर भी खा सकते हैं।
दाल खाएं: महिलाओं की एग क्वालिटी में सुधार के लिए प्रोटीन भी बहुत जरुरी है। दालों को प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है इसलिए आप प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले इसको अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। इसके अलावा दाल में आयरन भी मौजूद होता है जिसके सेवन से आपके पीरियड्स नियमित हो जाते हैं।
3/6 Image Source : social
दाल खाएं: महिलाओं की एग क्वालिटी में सुधार के लिए प्रोटीन भी बहुत जरुरी है। दालों को प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है इसलिए आप प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले इसको अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। इसके अलावा दाल में आयरन भी मौजूद होता है जिसके सेवन से आपके पीरियड्स नियमित हो जाते हैं।
ड्राई फ्रूट्स खाएं: जो महिलाएं प्रेगनेंसी की योजना बना रही हैं उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अपनी डाइट में ड्राई फ्रूट्स को जरूर शामिल करें क्यूंकि इसमें कई तरह के माइक्रो नुट्रिएंट्स पाए जाते हैं। इसमें शामिल हैं बादाम, किसमिस, अंजीर, अखरोट, काजू, आदि। आप प्रतिदिन एक मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स को रात भर पानी में भिगोकर रखें और सुबह उसका सेवन करें, इससे आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।
4/6 Image Source : social
ड्राई फ्रूट्स खाएं: जो महिलाएं प्रेगनेंसी की योजना बना रही हैं उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अपनी डाइट में ड्राई फ्रूट्स को जरूर शामिल करें क्यूंकि इसमें कई तरह के माइक्रो नुट्रिएंट्स पाए जाते हैं। इसमें शामिल हैं बादाम, किसमिस, अंजीर, अखरोट, काजू, आदि। आप प्रतिदिन एक मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स को रात भर पानी में भिगोकर रखें और सुबह उसका सेवन करें, इससे आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।
शराब सिगरेट आदि से परहेज करें: सिगरेट के सेवन से महिलाओं के एग की क्वालिटी ख़राब होती है और मिसकैरेज का खतरा भी बढ़ जाता है इसलिए महिलाओं को प्रेगनेंसी प्लानिंग करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए और शराब, सिगरेट जैसी नशीली पदार्थों से परहेज करना चाहिए।
5/6 Image Source : social
शराब सिगरेट आदि से परहेज करें: सिगरेट के सेवन से महिलाओं के एग की क्वालिटी ख़राब होती है और मिसकैरेज का खतरा भी बढ़ जाता है इसलिए महिलाओं को प्रेगनेंसी प्लानिंग करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए और शराब, सिगरेट जैसी नशीली पदार्थों से परहेज करना चाहिए।
तनाव कम लें और नियमित एक्सरसाइज करें: एग क्वालिटी ख़राब करने में स्ट्रेस का योगदान भी इग्नोर नहीं किया जा सकता है। तनाव को कम करने के लिए आप नियमित रूप से एक्सरसाइज कर सकते हैं। इससे आपका शरीर भी एक्टिव रहेगा और दिमाग भी। तनाव प्रबंधन में प्राणायाम बहुत सहायक होते हैं।
6/6 Image Source : social
तनाव कम लें और नियमित एक्सरसाइज करें: एग क्वालिटी ख़राब करने में स्ट्रेस का योगदान भी इग्नोर नहीं किया जा सकता है। तनाव को कम करने के लिए आप नियमित रूप से एक्सरसाइज कर सकते हैं। इससे आपका शरीर भी एक्टिव रहेगा और दिमाग भी। तनाव प्रबंधन में प्राणायाम बहुत सहायक होते हैं।
Advertisement