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एक्सपर्ट से जानें कैंसर का पता लगाने के लिए सबसे पहले कौन सा टेस्ट किया जाता है?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Feb 23, 2025 05:33 pm IST,  Updated : Feb 23, 2025 05:42 pm IST
कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे बिगड़ी हुई लाइफ स्टाइल से लेकर खराब खानपान जैसे कारक जिम्मेदार हैं। इस बीमारी की वजह से हर साल करीब 10 मिलियन लोगों की मौत होती है। देश दुनिया में यह बीमारी मौत का दूसरा सबसे प्रमुख कारण है। लेकिन इस बीमारी के प्रति अगर आप जागरूक हो जाएं तो इलाज़ की मदद से बचाव कर सकते हैं। अगर किसी मरीज में बिना किसी कारण के वजन कम होना, थकान या लगातार दर्द दिखाई देता है, तो डॉक्टर उन्हें कुछ टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। ऐसे में शारदा अस्पताल में स्थित वरिष्ठ सलाहकार और आंतरिक चिकित्सा डॉ. श्रेया श्रीवास्तव, बता रहे हैं कि कैंसर का पता करने के लिए सबसे पहले कौन सा टेस्ट कराना चाहिए?
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कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे बिगड़ी हुई लाइफ स्टाइल से लेकर खराब खानपान जैसे कारक जिम्मेदार हैं। इस बीमारी की वजह से हर साल करीब 10 मिलियन लोगों की मौत होती है। देश दुनिया में यह बीमारी मौत का दूसरा सबसे प्रमुख कारण है। लेकिन इस बीमारी के प्रति अगर आप जागरूक हो जाएं तो इलाज़ की मदद से बचाव कर सकते हैं। अगर किसी मरीज में बिना किसी कारण के वजन कम होना, थकान या लगातार दर्द दिखाई देता है, तो डॉक्टर उन्हें कुछ टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। ऐसे में शारदा अस्पताल में स्थित वरिष्ठ सलाहकार और आंतरिक चिकित्सा डॉ. श्रेया श्रीवास्तव, बता रहे हैं कि कैंसर का पता करने के लिए सबसे पहले कौन सा टेस्ट कराना चाहिए?
रक्त परीक्षण (Blood Tests): इनका इस्तेमाल ट्यूमर मार्कर, एबनॉर्मल ब्लड सेल्स काउंट्स या अंग की शिथिलता का पता लगाने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, प्रोस्टेट कैंसर के लिए PSA (प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन) या ओवेरियन के कैंसर के लिए CA-125।
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रक्त परीक्षण (Blood Tests): इनका इस्तेमाल ट्यूमर मार्कर, एबनॉर्मल ब्लड सेल्स काउंट्स या अंग की शिथिलता का पता लगाने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, प्रोस्टेट कैंसर के लिए PSA (प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन) या ओवेरियन के कैंसर के लिए CA-125।
इमेजिंग टेस्ट (Imaging Tests): इमेजिंग टेस्ट एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई और पीईटी स्कैन ट्यूमर या असामान्य वृद्धि की पहचान करने में मदद करते हैं। मैमोग्राफी का उपयोग स्तन कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
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इमेजिंग टेस्ट (Imaging Tests): इमेजिंग टेस्ट एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई और पीईटी स्कैन ट्यूमर या असामान्य वृद्धि की पहचान करने में मदद करते हैं। मैमोग्राफी का उपयोग स्तन कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
बायोप्सी (Biopsy): बायोप्सी में ऊतक का एक सैंपल निकाला जाता है और कैंसर कोशिकाओं की पुष्टि करने के लिए माइक्रोस्कोप के नीचे जांच की जाती है।
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बायोप्सी (Biopsy): बायोप्सी में ऊतक का एक सैंपल निकाला जाता है और कैंसर कोशिकाओं की पुष्टि करने के लिए माइक्रोस्कोप के नीचे जांच की जाती है।
एंडोस्कोपी (Endoscopy): एंडोस्कोपी असल में एक ऐसी जांच है जिसमें डॉक्टर आपके शरीर को अंदर से देखने के लिए ट्यूब जैसे उपकरण का इस्तेमाल करते हैं। एंडोस्कोप एक पतली,लंबी और लचीली ट्यूब होती है, जिसके सिरे पर लाइट और एक सिरे पर कैमरा लगा होता है। इस लाइट और कैमरे की मदद से ही तस्वीरें खींची जाती है और कंप्यूटर स्क्रीन पर इसे आसानी से देख सकते है।
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एंडोस्कोपी (Endoscopy): एंडोस्कोपी असल में एक ऐसी जांच है जिसमें डॉक्टर आपके शरीर को अंदर से देखने के लिए ट्यूब जैसे उपकरण का इस्तेमाल करते हैं। एंडोस्कोप एक पतली,लंबी और लचीली ट्यूब होती है, जिसके सिरे पर लाइट और एक सिरे पर कैमरा लगा होता है। इस लाइट और कैमरे की मदद से ही तस्वीरें खींची जाती है और कंप्यूटर स्क्रीन पर इसे आसानी से देख सकते है।
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