गांधीनगर: गुजरात सरकार ने विधानसभा में एक संशोधन विधेयक पारित किया है। इस संशोधन विधेयक में डेली वर्क आवर को बढ़ाने और महिलाओं को दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति देने का प्रावधान है। गुजरात सरकार ने रोजगार के अवसर पैदा करने और काम करने की स्थितियों में सुधार के उद्देश्य से यह संशोधन विधेयक पारित किया है। बता दें कि गुजरात दुकानें और प्रतिष्ठान (रोजगार और सेवा शर्तों का विनियमन) (संशोधन) विधेयक, 2026 ने पिछले वर्ष जारी एक अध्यादेश का स्थान लिया है।
भाजपा की सरकार द्वारा पेश किया गया यह विधेयक चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित हो गया। श्रम, कौशल विकास और रोजगार मंत्री कुंवरजी बावलिया द्वारा उचित सुरक्षा उपायों और कार्यान्वयन के संबंध में दिए गए आश्वासनों के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इसे अपना समर्थन दिया। यह विधेयक गुजरात दुकानें और प्रतिष्ठान (रोजगार और सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2019 में संशोधन पर आधारित है।
विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण के अनुसार, 2019 का अधिनियम कर्मचारियों की कार्य स्थितियों में सुधार करने, महिलाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने और व्यवसाय करने के संबंध में अनुकूल माहौल प्रदान करने को लेकर लाया गया था। इसमें प्रतिष्ठानों को 365 दिन संचालित करने की स्वतंत्रता और महिलाओं को पर्याप्त सुरक्षा प्रावधानों के साथ नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति देना भी शामिल है।
इस विधेयक में प्रस्ताव है कि कोई भी महिला, अपनी सहमति से, किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में रात नौ बजे से सुबह छह बजे के बीच नाइट शिफ्ट में काम कर सकती है, बशर्ते कि नियोक्ता गरिमा और सुरक्षा की पर्याप्त सुरक्षा, यौन उत्पीड़न से सुरक्षा सुनिश्चित करे और विश्राम कक्ष, 'नाइट क्रेच' और अलग शौचालय जैसी सुविधाएं प्रदान करे।
मंत्री बावलिया ने सदन को सूचित किया कि इन सुविधाओं के अलावा, नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को कार्यस्थल से आवास तक परिवहन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। एक और संशोधन के तहत अब कर्मचारियों को दिन में 10 घंटे काम करने की अनुमति होगी, जिसमें ब्रेक भी शामिल है। वर्तमान में नौ घंटे की सीमा निर्धारित है।
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