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देश में पहली बार हाइड्रोजन गैस से ट्रेन चलने के लिए तैयार, जानिए रूट और कितनी होगी रफ्तार?

Edited By: Dhyanendra Chauhan @dhyanendraj Published : Jan 03, 2026 05:30 pm IST, Updated : Jan 03, 2026 05:35 pm IST

हाईड्रोजन गैस ट्रेन का ट्रायल किया जाना है। इसको लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल और अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी। इस ट्रेन की और भी कई विशेषताएं हैं।

Hydrogen gas train- India TV Hindi
Image Source : @ASHWINIVAISHNAW हाईड्रोजन गैस ट्रेन

नए साल 2026 में तकनीक के क्षेत्र में जींद एक ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। देश में पहली बार हाइड्रोजन गैस से चलने वाली ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच दौड़ने को तैयार है। इसी सप्ताह जींद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के लोड चेक का फाइनल ट्रायल किया जाएगा। सफल ट्रायल के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही ट्रेन का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा। 

9 किलोग्राम पानी से 900 ग्राम हाइड्रोजन ईंधन होगा तैयार

हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल और अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 9 किलोग्राम पानी से 900 ग्राम हाइड्रोजन ईंधन तैयार होगा जिससे ट्रेन 1 किलोमीटर तक का सफर तय करेगी। ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय से भी मिल चुकी है मंजूरी

जींद रेलवे स्टेशन पर स्पेन की कंपनी द्वारा हाइड्रोजन गैस उत्पादन का अत्याधुनिक प्लांट तैयार किया जा चुका है, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय से भी मंजूरी मिल चुकी है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार ट्रेन की 4 ड्राइवर पावर कार और 16 कोच शकूर बस्ती स्टेशन पहुंच चुके हैं। 

जींद-सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर का ट्रायल

26 जनवरी से 2 डीपीसी और 8 यात्री कोचों के साथ जींद-सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रायल रिपोर्ट रेलवे, आरडीएसओ और स्पेन की ग्रीन एच कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की जाएगी।

हाइड्रोजन ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं 

  • ट्रेन के आगे और पीछे ड्राइवर पावर कार 
  • प्रत्येक डीपीसी में 1200 हॉर्स पावर का मोटर इंजन 
  • फ्यूल सेल से 3750 एम्पीयर डीसी करंट का उत्पादन
  • ट्रेन में एसी, लाइट, पंखे हाइड्रोजन ऊर्जा से संचालित
  • मेट्रो की तर्ज पर डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम
  • दोनों ओर स्वचालित दरवाजे
  • 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन स्टोरेज की क्षमता

रेलवे द्वारा प्लांट संचालन के लिए 1.5 मेगावाट बिजली कनेक्शन लिया गया है। 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन गैस का स्टोरेज है। 7,680 किलोग्राम ऑक्सीजन स्टोरेज की व्यवस्था है। दो बड़े स्टोरेज टैंक बनाए गए हैं। 

देश में ग्रीन टेक्नोलॉजी का मॉडल बनकर उभरेगा

स्वास्थ्य, शिक्षा और स्मार्ट ट्रैफिक में भी बड़ा सुधार होने वाला है। हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना से जींद न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश में ग्रीन टेक्नोलॉजी का मॉडल बनकर उभरेगा। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और आधुनिक परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।

हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट जींद में

इस बारे में हरियाणा के डिप्टी स्पीकर व जीन्द के विधायक डॉक्टर कृष्ण मिड्ढा का कहना है कि यह जींद के लोगों के लिए गौरव की बात है कि हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट जींद में लगा है। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन चलने को तैयार है, जिससे जल्द ही देश के प्रधानमंत्री देश को समर्पित करेंगे।

राज कुमार गोयल की रिपोर्ट

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