भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के दिवंगत अधिकारी वाई पूरन कुमार ने आत्महत्या करने से कुछ देर पहले वकीलों से बात की थी। उनके कॉल रिकॉर्ड से यह अहम खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आईपीएस पूरन कुमार की कॉल रिकॉर्ड में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक आईपीएस पूरन कुमार ने आत्महत्या के कुछ घंटों पहले कुछ वकीलों से बात की थी।
चंडीगढ़ पुलिस अब यह जांच करने में जुटी हुई है कि आत्महत्या से पहले आईपीएस पूरन कुमार और वकीलों के बीच क्या बातचीत हुई थी। इसमें सबसे अहम पहलू यह है कि इस दौरान आईपीएस पूरन ने वकीलों से रोहतक में दर्ज हुई एपआईआर को लेकर की बातचीत की थी या नहीं। रोहतक में मामला दर्ज होने के बाद आईपीएस पूरन कुमार के गनर सुशील को रोहतक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
आईपीएस पूरन के गनर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। पकड़े जाने के बाद उसने कहा था कि आईपीएस पूरन के कहने पर ही उसने ऐसा किया था। इस मामले की जांच एएसआई संदीप कुमार कर रहे थे। मंगलवार को संदीप कुमार ने भी आत्महत्या कर ली। ऐसा करने से पहले उन्होंने आईपीएस पूरन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए वीडियो बनाया था। इसके साथ ही तीन पन्नों का सुसाइड नोट भी छोड़ा था। हालांकि, इनका सत्यापन नहीं हो पाया है। पुलिस ने बताया कि एएसआई संदीप कुमार ने पूरन कुमार के सहयोगी और हेड कांस्टेबल सुशील कुमार की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई थी।
पूरन कुमार रोहतक जिले में महानिरीक्षक रहे थे और पिछले हफ्ते चंडीगढ़ स्थित अपने घर में मृत पाये गये थे। पूरन कुमार ने एक कथित ‘सुसाइड नोट’ छोड़ा था, जिसमें पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर और रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया सहित आठ अधिकारियों पर ‘जाति-आधारित भेदभाव, लक्षित मानसिक उत्पीड़न, और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप लगाया गया था। सरकार ने पुलिस महानिदेशक को छुट्टी पर भेज दिया जबकि बिजारणिया का तबादला कर दिया गया।
यह भी पढ़ें-
IPS पूरन कुमार के शव का आज हुआ पोस्टमार्टम, सुसाइड के 8 दिन बाद पत्नी ने दी सहमति
ASI संदीप सुसाइड मामला: पोस्टमॉर्टम करवाने के लिए राजी हुए परिजन, 36 घंटे बाद इस वजह से बनी सहमति
संपादक की पसंद