1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. 9 साल की बच्ची को पड़ा दिल का दौरा, फिर हुई मौत, डॉक्टर से जानें बच्चों में Heart Attack के लक्षण और बचाव के उपाय

9 साल की बच्ची को पड़ा दिल का दौरा, फिर हुई मौत, डॉक्टर से जानें बच्चों में Heart Attack के लक्षण और बचाव के उपाय

 Edited By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Jul 18, 2025 07:44 pm IST,  Updated : Jul 18, 2025 07:44 pm IST

राजस्थान में बुधवार को एक 9 साल की बच्ची की स्कूल में लंचबॉक्स खोलते हुए दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं कि बच्चों में दिल का दौरा क्यों पड़ रहा है? इसके लक्षण क्या हैं और बचाव के लिए क्या करें?

9 साल की बच्ची को पड़ा दिल का दौरा, - India TV Hindi
9 साल की बच्ची को पड़ा दिल का दौरा, Image Source : SORA AI

राजस्थान के सीकर से एक बहुत दुखद खबर सामने आई है। बुधवार को वहां एक 9 साल की बच्ची की स्कूल में लंचबॉक्स खोलते हुए दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। यह बच्ची आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ती थी। यह घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे, स्कूल के लंच ब्रेक के दौरान हुई। स्कूल के प्रिंसिपल नंदकिशोर ने बताया कि सभी बच्चे अपनी कक्षाओं में खाना खा रहे थे, तभी बच्ची अपना टिफिन बॉक्स खोलते समय अचानक बेहोश हो गई। प्रिंसिपल ने बताया कि स्कूल में बच्चों का बेहोश होना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा, "यह मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुआ। बच्ची का लंचबॉक्स गिर गया और वह बेहोश हो गई। हम सभी स्कूल में ही थे, इसलिए उसे तुरंत अस्पताल ले गए।"

स्कूल स्टाफ तुरंत बच्ची को दांतारामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गया। वहाँ डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज के बाद उसे सीकर के एसके अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन, अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस में चढ़ाते समय उसे दूसरा दिल का दौरा पड़ा और उसका निधन हो गया। ऐसे में नवी मुंबई में स्थित मेडिकवर हॉस्पिटल में कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. ऋषि भार्गव बता रहे हैं बच्चों में दिल का दौरा क्यों पड़ रहा है? इसके लक्षण क्या हैं और बचाव के लिए क्या करें? 

बच्चों में दिल का दौरा क्यों पड़ता है?

डॉक्टर बताते हैं कि वयस्कों की तरह बच्चों को भी दिल का दौरा पड़ सकता है। यह सुनकर भले ही दुख और चिंता हो, लेकिन यह बहुत कम होता है। हालांकि, हाल ही में कुछ बच्चों में ऐसी घटनाएं देखी गई हैं, जिनकी वजह कुछ अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

बच्चों में दिल का दौरा पड़ने के कारण:

  • जन्मजात हृदय दोष: दिल में जन्म से ही कोई खराबी।

  • वायरल संक्रमण: कोई वायरल इन्फेक्शन जो दिल को प्रभावित करे (जैसे मायोकार्डिटिस)।

  • कावासाकी रोग: एक बीमारी जिसमें रक्त वाहिकाएं सूज जाती हैं।

  • कोलेस्ट्रॉल विकार: परिवार में कोलेस्ट्रॉल की समस्या का इतिहास (जैसे हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया)।

  • COVID-19 की जटिलताएँ: COVID-19 से होने वाली सूजन या जटिलताएँ (जैसे MIS-C) भी बच्चों के दिल पर असर डाल सकती हैं।

बच्चों में दिल के दौरे के लक्षण

बच्चों में दिल के दौरे के लक्षण वयस्कों से मिलते-जुलते हो भी सकते हैं और नहीं भी। बच्चों में ये लक्षण दिख सकते हैं:

  • सीने में दर्द या बेचैनी

  • सांस लेने में दिक्कत

  • बहुत ज़्यादा थकान

  • उल्टी जैसा लगना (मतली)

  • चक्कर आना या बेहोश होना

  • होंठों और त्वचा का नीला पड़ना

इन लक्षणों को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, खासकर अगर बच्चे को पहले से दिल की कोई समस्या रही हो। अगर कोई बच्चा बेहोश हो जाए या ऐसे लक्षण दिखाए, तो उसकी जान बचाने के लिए तुरंत डॉक्टर की मदद लेना बहुत ज़रूरी है।

क्या है इलाज और बचाव के उपाय

इलाज में दवाएं, सर्जरी या खास तरह के कैथेटर (पतली नली) का इस्तेमाल हो सकता है। डॉक्टर बीमारी के कारण और स्थिति के हिसाब से इलाज तय करेंगे। माता-पिता के लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है कि उनके बच्चे के दिल की सेहत कैसी है। बच्चे को नियमित स्वास्थ्य जाँच के लिए ले जाएं। उसे संतुलित आहार दें और व्यायाम करने के लिए प्रेरित करें, ताकि उसका दिल स्वस्थ रहे।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।