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क्या सच में डिटॉक्स फुट पैच से कम होता है वजन? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

 Written By: Ritu Raj
 Published : Mar 24, 2026 05:19 pm IST,  Updated : Mar 24, 2026 05:19 pm IST

डिटॉक्स फुट पैच के जरिए वजन घटाने का दावा सुनने में बहुत लुभावना लगता है बस पैर पर एक पैच चिपकाओ और पतले हो जाओ! लेकिन अगर हम विज्ञान और हकीकत की बात करें, तो इसका जवाब कुछ और ही है। चलिए जानते हैं क्या सच में डिटॉक्स फुट पैच से कम होता है वजन।

क्या सच में डिटॉक्स फुट पैच से कम होता है वजन?- India TV Hindi
क्या सच में डिटॉक्स फुट पैच से कम होता है वजन? Image Source : FREEPIK

मोटापा इन दिनों एक कॉमन प्रॉब्लम है। ऐसे में वजन घटाने के लिए लोग तरह तरह के उपाय करते हैं जिनमे से एक है डिटॉक्स फुट पैच का इस्तेमाल। इन दिनों सोशल मीडिया पर डिटॉक्स फुट पैच के विज्ञापन काफी तेजी से वायरल हो रहे हैं जिसमें दावा किया जा रहा है कि ये तेजी से वजन घटाने में बेहद कारगर है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि इसका उपयोग कर आप बिना किसी मेहनत के भी तेजी से वजन घटाया जा सकता है। ऐसे में लोग इसकी बुकिंग भी खूब कर रहे हैं। लेकिन इसमें कितनी सच्चा है? डॉक्टर से जानने कि कोशिश करेंगे कि क्या सच में डिटॉक्स फुट पैच से वजन घटाया जा सकता है। चलिए जानते हैं क्या कहती हैं प्रकाश हॉस्पिटल की एमबीबीएस, एमडी, आंतरिक चिकित्सा डॉ. रिनशी अग्रवाल। 

क्या है सच्चाई? 

डॉ. रिनशी अग्रवाल, एमबीबीएस, एमडी, आंतरिक चिकित्सा, प्रकाश हॉस्पिटल का कहना है कि आजकल खासकर नई जनरेशन में डिटॉक्स फुट पैच काफी ट्रेंड में आ गए हैं, और इनके साथ जो दावे किए जाते हैं, वो भी काफी आकर्षक लगते हैं। कहा जाता है कि ये वजन कम करने में मदद करते हैं या रातों-रात शरीर से ‘टॉक्सिन्स’ बाहर निकाल देते हैं। सुनने में ये बहुत आसान और लुभावना लगता है, आखिर कौन नहीं चाहेगा कि बिना मेहनत के कोई आसान समाधान मिल जाए? लेकिन अगर इसे मेडिकल नजरिए से देखें, तो ये दावे गलत साबित होते हैं। इन पैच से वजन कम होने या शरीर से टॉक्सिन्स निकलने का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अक्सर लोग सुबह जब पैच को काला या चिपचिपा देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि शरीर से गंदगी बाहर निकल गई है। लेकिन असल में ऐसा नहीं होता। ये रंग बदलना सिर्फ पसीने और पैच में मौजूद केमिकल्स के बीच रिएक्शन की वजह से होता है, ये तब भी होगा, चाहे शरीर में टॉक्सिन्स हों या न हों।

जहां तक वजन घटाने की बात है, शरीर इस तरह काम नहीं करता। वजन कम होना एक धीरे-धीरे होने वाली प्रक्रिया है, जो आपकी डाइट, फिजिकल एक्टिविटी, नींद और यहां तक कि आपके स्ट्रेस लेवल पर भी निर्भर करती है। इसे स्किन के जरिए किसी पैच से ‘खींचकर’ बाहर नहीं निकाला जा सकता। अगर ऐसा होता, तो आज इतनी बड़ी संख्या में लोग वजन से जुड़ी समस्याओं का सामना नहीं कर रहे होते।

डॉ. रिनशी अग्रवालने यह भी बताया कि मैं अपने मरीजों से अक्सर कहता हूं कि हमारा शरीर खुद ही बहुत अच्छा ‘डिटॉक्स सिस्टम’ है। लिवर और किडनी लगातार शरीर से गंदगी और टॉक्सिन्स को बाहर निकालते रहते हैं। कोई भी बाहरी प्रोडक्ट इस नैचुरल प्रोसेस को उस तरह रिप्लेस या तेज नहीं कर सकता, जैसा कि ये पैच दावा करते हैं।

हां, कुछ लोगों को इन पैच का इस्तेमाल करने के बाद थोड़ा रिलैक्स महसूस हो सकता है और ये शायद इसलिए होता है क्योंकि वे थोड़ा समय खुद के लिए निकालते हैं, आराम करते हैं। इसमें कुछ गलत नहीं है, लेकिन इस फीलिंग को असली हेल्थ बेनिफिट समझना ठीक नहीं है।

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग जल्दी और आसान समाधान ढूंढते हैं ये बिल्कुल समझ में आता है। लेकिन जब बात हेल्थ और वजन कम करने की आती है, तो असली और टिकाऊ रिजल्ट हमेशा सिंपल आदतों से ही आते हैं जैसे सही खाना, नियमित एक्सरसाइज, पूरी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट। ये ‘डिटॉक्स पैच’ जितना एक्साइटिंग लगता है उतना है नहीं। 

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