शरीर और दिल के स्वास्थ्य को हेल्दी बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम बेहद ज़रूरी है। लेकिन, पिछले कुछ सालों में एक्सरसाइज़ के दौरान हार्ट अटैक से हुई मौत की खबरों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। लोगों के मन में यह सवाल आने लगा है कि क्या एक्सरसाइज करते समय हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है? ऐसे में हमनें फरीदाबाद स्थित फोर्टिस अस्पताल में निदेशक-न्यूरोलॉजी डॉ. विनीत बंगा से बातचीत की और यह जाना कि क्या वाकई में एक्सरसाइज करते समय हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है? किन लोगों को एक्सरसाइज़ कम करना चाहिए और हेल्दी हार्ट के लिए कितने घंटे व्यायाम करना चाहिए? तो, चलिए, जानते हैं!
डॉ. विनीत बंगा कहते हैं कि यह सच है कि व्यायाम दिल पर बहुत ज़्यादा प्रेशर डालता है। लेकिन ज़्यादातर मामलों में, यह एक अच्छा दबाव होता है। हालांकि, जो लोग हार्ट के मरीज हैं या जिनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, व्यायाम के दौरान उन लोगों में हृदय गति और रक्तचाप में अचानक वृद्धि से दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे में डॉक्टर इस बात पर ज़ोर देते हैं कि नियमित, मध्यम व्यायाम हृदय संबंधी घटनाओं की संभावना को काफी कम कर देता है।
जो लोग हृदय रोग, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं। साथ ही खराब खानपान के साथ अनियमित जीवनशैली को अपनाते हैं। ऐसे लोगों को एक्सरसाइज़ करते समय काफी सावधानी बरतनी चाहिए। हालाँकि ये रिस्क भी तभी होता है जब आप बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ करते हैं। खासकर, उन व्यक्तियों में जो अचानक हाई इंटेंसिटी वाले वर्कआउट करने लगते हैं।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के गाइडलाइन के अनुसार,कार्डियोलॉजिस्ट हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट मॉडरेट इंटेंसिटी वाले एक्सरसाइज़ या रोज़ाना 75 मिनट व्यायाम करने की सलाह देते हैं। इसमें तेज चलना, साइकिल चलाना, तैराकी या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।
धीरे-धीरे शुरू करें: अगर आपने एक्सरसाइज़ की बस शुरुआत की है तो आपको यह धीरे धीरे व्यायाम करनी चाहिए। आपको अपनी स्पीड तुरंत नहीं बढ़ानी चाहिए।
अपने शरीर की सुनें: अगर आपको सीने में दर्द, चक्कर आना या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो तो तुरंत रुक जाएँ।
डॉक्टर से सलाह लें: दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को वर्कआउट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। जब सही तरीके से किया जाता है, तो व्यायाम दिल को मजबूत करता है, रक्त संचार में सुधार करता है और लंबे समय में दिल के दौरे के जोखिम को कम करता है।
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