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वॉटर रिटेंशन की वजह से फूलने लगती है बॉडी, अंगों में जमने लगता है पानी; जानें कैसे करें कंट्रोल?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Jun 16, 2024 11:20 pm IST,  Updated : Jun 16, 2024 11:20 pm IST

वॉटर रीटेंशन की समस्या से शरीर के अंगों में पानी का जमा हो जाता है, जिससे शरीर के कुछ हिस्सों जैसे हाथ, पैर, चेहरे और पेट की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है।

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How to reduce water retention Image Source : SOCIAL

वॉटर रिटेंशन (Water Retention) से हमारे शरीर के अंगों में पानी जमा हो जाता है, जिससे शरीर के कुछ हिस्सों जैसे हाथ, पैर, चेहरे और पेट की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है। वॉटर रिटेंशन का मतलब है शरीर के अंदरूनी भागों में पानी का भरना। जब कोई व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में आता है तो अक्सर उसके हाथ, पैर, एड़ी और टांगों में सूजन आने लगती है। दरअसल, जब हमारा शरीर मिनिरल्स के लेवल को संतुलित नहीं कर पाता है तो उस वजह से शरीर के टिशूज़ में पानी जमने लगता है और शरीर के अंग फूलने लगते हैं। इस अवस्था में पैरों, एड़ियों और टखनों में भयंकर दर्द भी होने लगता है। जानें वॉटर रिटेंशन की समस्या (how to reduce water retention fast) में कैसे करे अपना बचाव?

वॉटर रिटेंशन के लक्षण (Symptoms of water retention)

अगर आपके चेहरे या हाथ-पैर और टखनों में सूजन आ रही है और साथ में दर्द भी हो रहा है तो इस समस्या को नज़रंदाज़ न करें। ऐसा वॉटर रिटेंशन की वजह से भी हो सकता है।  शरीर में वॉटर रिटेंशन होने पर ये लक्षण नजर आते हैं।

वॉटर रिटेंशन में डाइट करें बेहतर (Improve your diet in water retention)

विटामिन B6 से भरपूर आलू, केला और अखरोट वॉटर रीटेंशन दूर करने में लाभकारी हैं।वहीं , संतरा, कीवी और गाजर जैसे फलों को रोज़ाना खाने से पेशाब ज़्यादा लगती है। जिससे शरीर मे पानी की अधिकता कम होती है। वॉटर रिटेंशन से बचने के लिए जितना हो सकें उतना कम तनाव लें। तनाव पर क़ाबू पाने के लिए नियमित रूप से योग और कम से कम आधे घंटे तक एक्सरसाइज़ करें।

वॉटर रिटेंशन में क्या ना खाएं? (What not to eat in water retention)

  • वॉटर रिटेंशन में डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों को भूलकर भी न खायें। इनमें  नमक और चीनी की मात्रा ज़्यादा होती है। इन्हें खाने से शरीर मे पानी की मात्रा और बढ़ जाती है।

  • ब्रेड या  किसी भी तरह के रिफ़ाइंड आइटम को अपनी डाइट से तुरंत बहार करें। इन चीज़ों के सेवन से आपका इंसुलिन लेवल-कम ज़्यादा हो सकता है जिससे वॉटर रिटेंशन बढ़ सकता है। 

  • अल्कोहल और धूम्रपान से जितनी हो सके उतनी दूरी बनाएं।

 

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