1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. भुने चने में मिलने वाला औरामाइन कितना खरनाक है? डॉक्टर से जान लें इससे क्या होते हैं नुकासन

भुने चने में मिलने वाला औरामाइन कितना खरनाक है? डॉक्टर से जान लें इससे क्या होते हैं नुकासन

 Written By: Ritu Raj
 Published : Nov 29, 2025 11:10 am IST,  Updated : Nov 29, 2025 11:10 am IST

क्या आप भी मार्केट से भुना चना लाकर खाते हैं तो अभी से ही सावदान हो जाएं। क्योंकि मार्केट में बिकने वाले चने में औरामाइन पाया गया है। जो कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। इसके साथ ही ये लीवर, किडनी को भी बुरी तरह डैमेज कर सकता है। ऐसे में डॉ. हिमानी से जानेंगे कि औरामाइन स्वास्थ्य के लिए कितना खरनाक है।

भुने चने में मिलने वाला औरामाइन कितना खरनाक है?- India TV Hindi
भुने चने में मिलने वाला औरामाइन कितना खरनाक है? Image Source : FREEPIK

पोष्टिक नाश्ते की जब भी बात होती है तो उसमें चना सबसे ऊपर होता है। इसका सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। सुबह या शाम के नाश्ते में लोग चना का अलग अलग तरह से सेवन करते हैं। कोई भिगोया हुआ चना खाना पसंद करता है तो कोई भुना चना। लेकिन इन दिनों में बाजार में हर चीज में मिलावट हो रही है। खासकर देश की राजधानी दिल्ली में। हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली में भुने चने में कपड़ा रंगने वाली औद्योगिक डाई 'औरामाइन ओ' की मिलावट पाई गई है। जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।  'औरामाइन ओ' के मिलावट से भुने चने जहर बन चुके हैं जो लीवर, किडनी और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा रहे हैं। यह मिलावट राजधानी दिल्ली के लाजपत नगर के प्रमुख बाजारों में बिक रहे भुने चने में भी पाई गई है। ऐसे में डॉक्टर से जानेंगे औरामाइन कितना खरनाक है।

डॉ. हिमानी ने बताया कितना खतरनाक है औरामाइन

डॉ. हिमानी सर्बाधिकारी, एच.ओ.डी., डाइटेटिक्स, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मॉडल टाउन, दिल्ली का कहना है कि भुने हुई चने में ऑरामाइन की मिलावट पाई जा रही है। लेकिन यह केवल चना तक सीमित नहीं है बल्कि किसी भी पीली दाल में ऑरामिन मिलाया जा सकता है। ऑरामाइन एक रंग (डाई) है, जिसका प्रयोग फूड इंडस्ट्री में प्रतिबंधित है, क्योंकि इसमें कई तरह के रासायनिक एसिड होते हैं, जो शरीर में कैंसर को बढ़ावा देते हैं। यह विशेष रूप से लिवर कैंसर, किडनी संबंधी रोग और अल्सरेटिव कोलाइटिस के जोखिम को बढ़ाता है। दूसरी चिंता यह है कि जब आप इसे अनजाने में खा लेते हैं, तो यह ब्लड में घुलकर सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर असर करता है, जिससे लगातार थकान, चक्कर आना, मितली, और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती है।

भुना चना स्वाभाविक रूप से छोटी और हल्की मैट होती है। लेकिन यदि दाल को कृत्रिम रूप से रंगा गया हो, तो उस पर एक चमकदार, ग्लॉसी परत दिखती है बिल्कुल वैसे जैसे रंगे हुए कपड़े पर चमक होती है। यदि चना बहुत चमकीली दिखाई दे, तो उसमें रंग की मिलावट की गई हो सकती है। दूसरा तरीका है की थोड़ा भुना चना एक गिलास पानी में डालें। 5–10 मिनट बाद देखें कि क्या पानी पीला हो रहा है। यदि पानी में रंग छूटता है, तो यह संकेत है कि दाल में कृत्रिम रंग मिलाया गया है, जो ऑरामाइन हो सकता है। यदि पानी बिल्कुल साफ रहे, तो चना शुद्ध हो सकता है। रंगे हुए चना में वजन कम होता है। दाल को पानी में डालें, यदि दाल ऊपर तैरकर फिर नीचे बैठ जाए, तो यह सामान्य है। लेकिन यदि वह ऊपर ही तैरती रहे, तो मिलावट की आशंका रहती है। ऐसे में बाजार में भुने चने खरीदते समय ध्यान रखें की चना बहुत चमकीली या ग्लॉसी न हो।

डब्ल्यूएचओ ने जताई चिंता

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (आइएआरसी) औरामाइन को मनुष्यों में कैंसर पैदा करने की क्षमता वाला घोषित किया है। वहीं राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान को पत्र लिख इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। एफएसएसएआइ और खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिल्ली के बाजारों में बिकने वाले भुने चनों को लेकर अभियान शुरू कर दिया है, बताया गया कि विभिन्न बाजारों से 200 नमूने लिए गए। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में इनमें से 40 प्रतिशत में औरामाइन ओ की मौजूदगी पाई गई है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।