H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा को बर्ड फ्लू भी कहा जाता है। ये वायरस बोर्न इंफेक्शन है जो मुख्य रूप से पक्षियों में पाया जाता है। आइए जानते हैं कि डॉक्टर विकास मित्तल, पल्मोनोलॉजिस्ट निदेशक (वेलनेस होम क्लिनिक एंड स्लीप सेंटर, पश्चिम विहार और निदेशक, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग, सी के बिड़ला अस्पताल, पंजाबी बाग) ने इस वायरस के बारे में क्या बताया है। डॉक्टर विकास मित्तल ने बताया कि ये वायरस पोल्ट्री जैसे मुर्गियों, बत्तखों और दूसरे जंगली पक्षियों में तेजी से फैलता है। हालांकि, ये वायरस पक्षियों से इंसानों में आसानी से नहीं फैलता है। लेकिन जब इंसान संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में आते हैं, तब इस संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
H5N1 के लक्षण
डॉक्टर विकास मित्तल ने कहा कि H5N1 से संक्रमित व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण दिख सकते हैं। तेज बुखार, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण इस वायरस की तरफ इशारा कर सकते हैं। गंभीर मामलों में ये संक्रमण निमोनिया, सांस न ले पाना और यहां तक कि मृत्यु का कारण भी बन सकता है।
कारण जानना भी है जरूरी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस वायरस के फैलने का मुख्य कारण संक्रमित पक्षियों या फिर उनके मल-मूत्र, पंख या मांस के सीधे संपर्क में आना है। अधपकी या कच्ची पोल्ट्री और अंडे खाने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। पोल्ट्री फार्म या बाजार में सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने से भी ये वायरस इंसानों तक पहुंच सकता है।
गौर करने वाली बात
ये संक्रमण आमतौर पर मनुष्यों में बहुत कम पाया जाता है। लेकिन जब होता है, तब इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। आपको बता दें कि इसकी मृत्यु दर दूसरे फ्लू वायरसों की तुलना में अधिक मानी जाती है। इस वायरस से बचने के लिए पोल्ट्री प्रोडक्ट्स को अच्छी तरह से पकाकर खाएं और बीमार पक्षियों के संपर्क से बचें और स्वच्छता का ध्यान रखें। अगर किसी में फ्लू जैसे लक्षण लंबे समय तक बने हुए हैं और वो पोल्ट्री के संपर्क में रहता है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से अपनी जांच करवा लेनी चाहिए।
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डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।