वाकिफ कहां जमाना हमारी उड़ान से, वो और थे जो हार गए आसमान से। दीपा मलिक, जिन्होंने रियो पैरालंपिक में परचम लहराया, सबके लिए एक मिसाल हैं। हरिबुद्दा मागर, जिन्होंने दोनों पैर गंवाने के बाद माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की, संदीप सिंह, जिन्होंने गोली लगने के बाद भी हॉकी टर्फ पर दमदार वापसी की, अरुणिमा सिन्हा, जिन्होंने ट्रेन से फेंके जाने और पैर गंवाने के बाद एवरेस्ट फतह किया, रिषभ पंत-निकोलस पूरन, जिन्होंने भयानक कार एक्सिडेंट के बाद दोबारा मैदान में अपने बल्ले का दम दिखाया। ऐसे तमाम नाम हैं जिन्होंने हालात के सामने घुटने नहीं टेके और मुश्किल हालात में भी फौलादी हौसले से अपनी तकदीर बदली। लेकिन ऐसे भी लोगों की कमी नहीं है, जो जरा सी मुश्किल से घबरा जाते हैं, छोटी-छोटी परेशानी में हिम्मत खो देते हैं, छत से कूदकर, पंखे से लटक कर, जहर खाकर या फिर ट्रेन के सामने आकर जान दे देते हैं।
Related Stories
नेगेटिव इमोशंस की गिरफ्त में आने वाले ऐसे लोगों को इन रियल लाइफ हीरोज से कुछ सीखना चाहिए। जिंदगी में कितनी भी मुसीबतें आएं, न रुकना है, न हारना है क्योंकि जीवन चलते रहने का नाम है और ये बहुत अनमोल है। लेकिन फिर भी लोग इस बात को समझ नहीं पाते। शायद इसलिए भारत में सुसाइड के मामले बढ़ रहे हैं। आंकड़ों की मानें तो हर साल लगभग 1 लाख 70 हजार लोग ये रास्ता अपनाते हैं और इसमें बच्चे क्या और बड़े क्या, हर एज ग्रुप के लोग शामिल हैं। एक स्टडी ये भी कहती है कि पुरुष भले ही दिखने में स्ट्रॉन्ग हों लेकिन मानसिक तौर पर वो महिलाओं से कमजोर हैं और यही वजह है कि वो बिना सोचे-समझे उल्टा-सीधा कदम उठा लेते हैं या फिर जल्दी हार मान लेते हैं। जबकि महिलाएं काफी हद तक खुद को संभाल लेती हैं। महिला हो या पुरुष, बच्चे हो या फिर नौजवान और बुजुर्ग, जरूरी ये है कि जीवन के मोल को समझें। हर काली रात के बाद सुनहरा दिन निकलता है, जिंदगी में किसी भी तरह का दुख है तो यकीन कीजिए जल्दी सुख भी आने वाला है और हर हाल में ये आप तभी सोच पाएंगे जब योग को अपना साथी बनाएंगे और प्राणायाम-ध्यान की आदत डालेंगे।
मानसिक बीमारी के लक्षण
उदासी
बेचैनी
बेवजह डर
अकेलापन
ऊर्जा की कमी
हर वक्त थकान
एंग्जाइटी
खानपान में बदलाव
नशे की आदत
सुसाइड के हाई रिस्क
बिना सोचे-समझे फैसला लेना
कोई बड़ा नुकसान होना
ज्यादा जोश में आना
ज्यादा नशा करना
फैमिली हिस्ट्री
गौर करने वाले लक्षण
याद्दाश्त कमजोर
अकेलेपन की आदत
खुद से नाराजगी
उदासी
अल्कोहल की लत
गुस्सा
हैप्पी हॉर्मोन्स कैसे बढ़ाएं?
वर्कआउट करें
तनाव से दूर रहें
पेट्स के साथ वक्त बिताएं
हेल्दी खाना खाएं
किचन के मसाले, हैप्पी रखें
लौंग - मूड फ्रेश करती है
इलायची - तनाव घटाती है
अजवाइन - चिड़चिड़ापन कम करती है
कैसे खुश रहें?
दूसरों की मदद करें
हर घंटे 10 सेकेंड स्ट्रेचिंग करें
अपनों की मुस्कुराती तस्वीरें सामने रखें
मीठा खाने से बढ़ती है खुशी
बढ़ा एग्रेशन, करें कंट्रोल
थोड़ी देर टहलें
रोज योग करें
मेडिटेशन करें
गहरी सांस लें
संगीत सुनें
अच्छी नींद लें
गुस्सा खतरनाक, रहें सावधान
गुस्से का पैटर्न समझें
क्रोध में आपा न खोएं
आत्मनियंत्रण सीखें
गुस्से के लक्षण पहचानें
ब्रेन रहेगा हेल्दी, रोज पिएं
एलोवेरा
गिलोय