ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों से जुडी एक बीमारी है जिसे हल्के में लेना आप पर भारी पड़ सकता है। इस बीमारी के बारे में ज्यादातर लोगों को पता नहीं होता है। साथ ही जब इस बीमारी की शुरुआत होती है तो शरीर में कुछ खास लक्षण नजर नहीं आते हैं। ऐसे में कब ये बीमारी बढ़ जाती है और हड्डियों को अंदर से खोखला कर देती है पता ही नहीं चलता है। इसलिए आपको इस बीमारी के बारे में पता होना चाहिए। तभी आप इस बीमारी से बच पाएंगे। तो, इस हम पहले यह जानेंगे कि ऑस्टियोपोरोसिस है क्या और इससे बचाव के लिए हम कौन से टिप्स अपना सकते हैं।
क्या है ऑस्टियोपोरोसिस?
ऑस्टियोपोरोसिस एक हड्डी से जुड़ी बीमारी है जिसमें हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है, जिससे हड्डियाँ कमज़ोर, भंगुर और फ्रैक्चर होने लगती है। इस बीमारी में हड्डियों की संरचना बदल जाती है, जिससे घनत्व कम हो जाती है। इससे मामूली गिरने या तनाव से गंभीर फ्रैक्चर हो सकते हैं, और अक्सर यह उम्र बढ़ने और हार्मोनल परिवर्तनों का परिणाम होता है, खासकर महिलाओं में मेनोपोज़ के बाद। ये ज्यादातर कैल्शयम और विटामिन डी की कमी की वजह से होता है।
हड्डियों में कैसे लाएं जान?
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कैल्शियम से भरपूर ये फूड्स: कैल्शियम की कमी सबसे पहले हड्डियों को खोखला करती है। ऐसे में सबसे पहले अपनी डाइट में कैल्शियम से भरपूर फूड्स को शामिल करें। जैसे दही, टोफू, पनीर, दूध और पत्तेदार साग-सब्जियों को शामिल करें।
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विटामिन डी: विटामिन डी भोजन से मिलने वाले कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। विटामिन डी हमारी मांसपेशियों और प्रतिरक्षा प्रणाली के स्वस्थ कामकाज को बढ़ावा देता है। इस तरह से ये इस बीमारी से बचाव में मदद करता है।
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मैग्नीशियम और प्रोटीन: डार्क चॉकलेट मैग्नीशियम की कमी को दूर करने का आसान तरीका है। इसके अलावा सोयाबीन और केला भी इस खनिज की कमी को दूर कर सकता है। साथ ही प्रोटीन से भरपूर दूध, दाल और अंडा का सेवन इसकी कमी से बचा सकता है और हड्डियों को अंदर से मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। तो , इन फूड्स को डाइट में शामिल करें और हड्डियों का घनत्व बढ़ाएं। ताकि आप इस बीमारी के शिकार न हो।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।