अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खराब खान-पान की वजह से कई गम्भीर बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। बच्चों, पुरुषों और महिलाओं सभी में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं, महिलाओं में पीसीओडी के बाद बच्चेदानी में गांठ बनना की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ओवरी यानी बच्चेदानी महिलाओं की प्रजनन प्रणाली का हिस्सा है। यह गर्भाशय के दोनों तरफ निचले पेट में स्थित होते हैं। ओवरी के मुख्य कार्य अण्डे का एवं एस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्ट्रोन नामक हार्मोन का उत्पादन करना है। बच्चेदानी में गांठ की समस्या बीते कुछ वर्षों से महिलाओं में तेजी से देखी जा रही है। बच्चेदानी में गांठ की वजह से महिलाओं को प्रजनन से जुड़ी समस्याएं आ सकती हैं। चलिए जानते हैं ओवरी में सिस्ट (Ovarian Cyst) होने पर कौन से लक्षण दिखते हैं और इससे बचाव कैसे किया जाए?
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ओवेरियन सिस्ट के लक्षण: Symptoms of ovarian cysts:
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पेट में सूजन महसूस होना,
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मल त्याग करते समय दर्द होना,
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मासिक धर्म से पहले पैल्विक दर्द,
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संभोग के दौरान दर्द,
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पीठ के निचले हिस्से या जांघों में दर्द,
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स्तनों में दर्द बुखार आना,
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बेहोशी या चक्कर आना,
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तेज-तेज सांस लेना,
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जी मिचलाना
ओवेरियन सिस्ट के कारण:Causes of ovarian cysts:
पीरियड्स की अवधि खत्म हो जाने के बाद भी फॉलिकल का आकार बढ़ता जाता है, जिसे ओवेरियन सिस्ट कहा जाता है। आमतौर पर ओवेरियन सिस्ट हानिकारक नहीं होते हैं और ज्यादातर स्वयं ही ठीक हो जाते हैं। परन्तु कईं बार यदि सिस्ट ठीक नहीं हो पाते तो इनसे महिलाओं को काफी परेशानी होती है।
ओवेरियन सिस्ट से बचाव के उपाय (How to Prevent Ovarian Cyst)
रोजाना प्राणायाम और योगाभ्यास करें। प्रोटीन को अपनी डायट में शामिल करें। रेशेदार फलों का सेवन करें। हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें। रात को जल्दी सोने का अभ्यास करें ताकि प्रात:काल जल्दी उठें। घर में बनाए गए व्यंञ्जनों का सेवन करें।