हर चीज की अपनी एक कीमत होती है और बिना कीमत चुकाए कुछ नहीं मिलता सेहत के साथ भी कुछ ऐसी ही शर्तें हैं। अब 'यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली' की एक रिपोर्ट को ही ले लीजिए जिसके मुताबिक कोशिश तो ये थी कि--2030 तक ट्यूबरक्लोसिस को कंट्रोल कर लिया जाएगा। लाइफ स्टाइल की घातक बीमारी और वायरल-बैक्टीरियल महामारी से बचाव के तरीके ढूंढ़ लिए जाएंगे लेकिन फिलहाल अब ये मुमकिन नहीं है। इतना ही नहीं इस रिपोर्ट में ये वॉर्निंग भी है कि--5 से 6 साल में नई महामारी फैल सकती है क्लाइमेटे चेंज की वजह से जानवरों से इंसानों में फैलने वाले डिजीज बढ़ सकते हैं मतलब ये कि हर हाल में हर किसी को अपने बचाव की तैयारी कर लेनी चाहिए।
ये तभी मुमकिन है जब आपकी इम्यूनिटी अच्छी रहेगी जब आप शारीरिक और मानसिक तौर पर सेहतमंद होंगे और इसके लिए जरुरी है कि बॉडी का मेटाबॉलिज्म सही हो क्योंकि शरीर के सारे फंक्शन इसी से जुड़े होते हैं। मेटाबॉलिज्म कंट्रोल होता है थायरोक्सिन हार्मोन से जो थायराइड ग्लैंड बनाता है और इस हार्मोन के बिगड़ने से इम्यूनिटी तो खराब होती ही है। लाइफ स्टाइल की कई बीमारियां ट्रिगर होती हैं। तो चलिए यूनाटेड नेशन की वॉर्निंग और फ्यूचर की तमाम हेल्थ चैलेंज का सामना योग से कैसे करें। बीमारियों को आयुर्वेद से कैसे मात दे ये बताने के लिए विश्व प्रसिद्ध योगगुरु स्वामी रामदेव खुद इस वक्त युनाइटेड नेंशन हेडक्वार्टर से हमारे साथ जुड़ रहे हैं स्वामी जी बहुत-बहुत स्वागत है आपका?
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