हार्ट अटैक (Heart Attack) यानी दिल का दौरा एक जानलेवा स्थिति है। हृदय की किसी मांसपेशी तक पहुंचने वाले खून का अचानक ब्लॉक हो जाना हार्ट अटैक का कारण बनता है। गुरुग्राम में स्थित आर्टेमिस अस्पताल में प्रमुख - एनआईसी और क्लिनिकल कार्डियोलॉजी, डॉ. राहुल मेहरोत्रा कहते हैं कि ब्लॉकेज के कारण हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। इससे हृदयगति रुकने और जान जाने का खतरा रहता है। आमतौर किसी को हार्ट अटैक आने से पहले कुछ लक्षण सामने आने लगते हैं। अगर इन लक्षणों पर ध्यान दें, तो समय रहते बचाव के कदम उठाए जा सकते हैं।
दिल का दौरा पड़ने के 3 शुरुआती लक्षण :
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सीने में कुछ दबाव का अनुभव: हार्ट अटैक से पहले ही व्यक्ति को सीने में कुछ दबाव का अनुभव होने लगता है। ऐसा लगता है, जैसे कोई सीने को दबा रहा है या अंदर मांसपेशियां खिंच रही हैं। कभी-कभी हल्का दर्द होता है, जो थोड़ी-थोड़ी देर में ठीक होकर दोबारा होने लगता है। हाथ, जबड़े, गर्दन या पीठ में भी दर्द का अनुभव हो सकता है। अगर अक्सर ऐसा होने लगे, तो नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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सांस उखड़ना भी है लक्षण: सांस उखड़ना भी दिल के दौरे के शुरुआती लक्षणों में से है। थोड़ी दूर चलते ही या सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलने लगे, तो सतर्क हो जाना चाहिए। यह कहीं ना कहीं हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाने का संकेत होता है, जिसका सीधा संबंध हार्ट अटैक से है। दिल में जलन, अपच और रात में ज्यादा पसीना आना भी इसके शुरुआती संकेतों में से हैं।
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बिना वजह थकान को भी पहचानें: अगर आपको ऐसा अनुभव हो कि जल्दी थकने लगे हैं, तो इसे अनदेखा न करें। यह नसों में ब्लॉकेज के कारण हो सकता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक का कारण बनती है। अक्सर जी मिचलाना या बिना कारण उल्टी होना भी ऐसा ही संकेत है। उल्टी होने या कंधे में दर्द जैसे लक्षण भी महिलाओं में ज्यादा देखे जाते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।