डायबिटीज के मरीजों को एक्सपर्ट अक्सर वॉक और एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। वॉक और एक्सरसाइज डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है क्योंकि ये ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, वजन कम करने और दिल की बीमारी के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। साकेत में स्थित पीएसआरआई हॉस्पिटल में कंसलटेंट एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉक्टर कशिश गुप्ता बता रही हैं कि डायबिटीज में फिजिकल एक्टिविटी क्यों जरूरी है?
जब आप वॉक करते हैं या आप कोई भी फिजिकल एक्टिविटी करते हैं तो बॉडी में इंसुलिन हार्मोन अच्छे से काम कर पाता है, जिसे हम इंसुलिन सेंसेटिविटी कहते हैं और ज्यादा से ज्यादा ग्लूकोज आपके मसल्स की सेल्स तक पहुंचता है। यानी कि शुगर लेवल्स नैचुरली कंट्रोल हो जाते हैं। फिजिकल एक्टिविटी करने से आपका वेट कंट्रोल भी रहता है। डायबिटीज में एंग्जाइटी और डिप्रेशन बहुत ही कॉमन है और यह भी फिजिकल एक्टिविटी करने से कम हो जाते हैं। साथ ही ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल होता है जो डायबिटीज की कॉम्प्लिकेशन से बचाते हैं।
एक्सपर्ट के मुताबिक हफ्ते में कम से कम पाँच दिन 20 से 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए। इसकी शुरुआत आप वॉक से कर सकते हैं और धीरे धीरे आप ब्रिस्क वॉकिंग कर सकते हैं। इसके अलावा आप साइकिलिंग, योगा, डांस, स्विमिंग, जो भी एक्टिविटी पसंद है, वह कर सकते हैं। अगर आप थोड़ी इंटेंस एक्टिविटी पसंद करते हैं जैसे जुम्बा, एरोबिक्स या जॉगिंग तो यह भी कर सकते हैं। हफ्ते में कम से कम 2 से 3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर करनी चाहिए।
बस यह याद रखें कि जब भी आप कोई नई एक्टिविटी शुरू करते हैं तो अपने डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें। खासकर, अगर आप हार्ट के मरीज हैं, सीनियर सिटिजन है, नसों से जुड़ी कोई परेशानी है या आप इंसुलिन लगाते हैं। एक्सरसाइज शुरू करने से पहले शुगर बहुत ही ज्यादा डाउन या बहुत हाई नहीं रहनी चाहिए और इसके लिए आपके एंडोक्रिनोलॉजिस्ट आपको गाइड करेंगे।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
संपादक की पसंद