एक वक्त था जब टीबी एक लाइलाज बीमारी थी। इस बीमारी से न जाने कितने लोगों की जान गई। लेकिन आज के दौर में टीबी का बेहतरीन इलाज है। तपेदिक जिसे लोग टीबी के नाम से जानते हैं ये एक संक्रामक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से होती है। टीबी खासतौर से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन धीरे-धीरे शरीर के दूसरे अंगों में भी फैलने लगती है। टीबी के मुख्य लक्षणों में 2-3 सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, सीने में दर्द, रात में पसीना आना, बुखार और वजन कम होना शामिल हैं। अगर समय पर जांच करा ली जाए तो बहुत आसानी से इसका इलाज किया जा सकता है। लक्षण दिखने पर मरीज के थूक टेस्ट, छाती का एक्स-रे करके टीबी का पता लगाया जा सकता है। आइये जानते हैं टीबी के मुख्य लक्षण क्या हैं और कब आपको सावधान हो जाना चाहिए?
टीबी के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
डॉक्टर ऋषि यादव, कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट (यथार्थ हॉस्पिटल आगरा) की मानें तो टीबी (Tuberculosis) एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। इसके शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, लेकिन समय रहते पहचान बहुत जरूरी है।
टीबी शुरुआती लक्षण
- लगातार खांसी (2 हफ्ते से ज्यादा)
- खांसी में बलगम या खून आना
- सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ
- लगातार बुखार (खासकर शाम या रात में)
- रात में ज्यादा पसीना आना
- वजन कम होना और भूख कम लगना
- थकान और कमजोरी महसूस होना
कब हो जाएं सावधान?
अगर आपको या आपके किसी अपने को ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई भी 2 हफ्ते से ज्यादा समय तक बने रहते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। खासकर अगर खांसी के साथ खून आ रहा हो या तेजी से वजन घट रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कब करवाएं जांच?
लगातार खांसी और बुखार हो
टीबी मरीज के संपर्क में रहे हों
शरीर कमजोर या इम्युनिटी कम हो
समय पर जांच और इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। सावधानी और जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)