आपने ये बात जरूर सुनी होगी कि एकता में ही ताकत है। आजादी के बाद देश को एकसूत्र में बांधने का यही काम लौहपुरुष सरदार वल्लभ पटेल ने किया। हर साल की तरह इस बार भी सरदार पटेल की जयंती के मौके पर इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाते हैं। गुजरात के केवड़िया में स्टैचू ऑफ यूनिटी के पास योग और आयुर्वेद को ध्यान में रखकर आरोग्य वन भी बनाया गया है, जिसका पीएम मोदी ने उद्घाटन किया। कोरोना काल में इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है क्योंकि हिंदुस्तान की इन पारंपरिक पद्धतियों की ताकत को पूरी दुनिया जान रही है।
प्राणायाम, योगा और काढ़ा न सिर्फ कोविड-19, बल्कि दूसरी भी बीमारियों में कारगर साबित हुआ है। योग सिर्फ सेहतमंद ही नहीं बनाता, बल्कि एकता भी लाता है। इसीलिए आज स्वामी रामदेव ने यंग इंडिया को लौहपुरुष बनने का अभ्यास सिखाया। साथ ही उनकी तरह हौसला मजबूत करना भी बताया।
योग करें, ताकतवर बनें:
यौगिक जॉगिंग
फायदे: इम्युनिटी मजबूत होती है। लंग्स को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। शरीर को सुडौल और फिट बनाता है। शरीर को ऊर्जावान बनाता है। सभी अंगों को एक्टिव करता है। पेट कम करके लचीला बनाता है। वजन घटाने में मदद मिलती है।
वृक्षासन
फायदे : रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है। शरीर को लचीला बनाने में कारगर है। पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। सीने को चौड़ा और मजबूत करता है। फ्लैट फीट की समस्या से राहत मिलती है। बच्चों की हाइट को बढ़ाने में मदद करता है।
ताड़ासन
फायदे: दिल की बीमारी में बेहद कारगर है। शरीर को लचीला बनाता है। पीठ और बांहों को मजबूत बनाता है। थकान, तनाव और चिंता दूर करता है। बढ़ती उम्र में स्पाइन को मजबूत रखता है।
सूर्य नमस्कार
फायदे: फेफड़ों तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचती है। शरीर को डिटॉक्स करता है। वजन बढ़ाने में मददगार योगासन है। एनर्जी लेवल बढ़ाने में सहायक है। पाचन तंत्र बेहतर होता है। शरीर को ऊर्जा मिलती है।
मंडूकासन
फायदे: डाइजेशन सही करता है। पैनक्रियाज और लिवर को मजबूत बनाता है। किडनी को स्वस्थ रखता है। वजन घटाने में मदद करता है। डायबिटीज कंट्रोल करने में मददगार है। गैस और कब्ज की समस्या दूर होती है।
भुजंगासन
फायदे: रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। कमर दर्द से निजात मिलती है। गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है। फेफड़ों, कंधों और सीने को स्ट्रेच करता है। शरीर की थकावट दूर होती है।
मर्कटासन
फायदे: गैस और कब्ज से राहत मिलती है। पेट से जुड़ी समस्याएं दूर होती है। गुर्दे, अग्नाशय और लिवर सक्रिय होते हैं। सर्वाइकल, पेट दर्द और गैस्ट्रिक से राहत मिलती है।
मजबूत पीठ के लिए प्राणायाम:
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