नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक महिला और नाबालिग बेटी संग हुए गैंगरेप के मामले उत्तर प्रदेश सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री अखिलेश ने आज शाम पांच बजे तक सभी आरोपियों को पकड़ने का आदेश दिया था। वहीं इस मामले पर कार्यवाही करते हुए सीएम अखिलेश के आदेश पर SSP, SP CITY, CO और दो इंस्पेक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है।
वहीं इससे पहले पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों की पहचान कर ली थी। पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया था कि इस मामले में पीड़िता की मदद से तीन आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। जानकारी के मुताबिक तीनों आरोपी फरीदाबाद, बुलंदशहर और बठिंडा के रहने वाले हैं। गौरतलब है कि इस वारदात के बाद हरकत में आए सपा सरकार ने पुलिस को इस मामले में खुलासा करने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी थी। वहीं इस मामले में करीब 15 लोग गिरप्तार किए गया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया कि गत शुक्रवार की रात को डाकुओं के एक समूह ने नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे एक कार सवार परिवार को देहात कोतवाली क्षेत्र में रोका और एक महिला तथा उसकी 13 वर्षीय बेटी को घसीट कर पास के खेत में ले गए और उनसे बलात्कार किया, जबकि पुरूषों को रस्सी से बांध दिया। उन्होंने बताया कि लुटेरों ने कार सवार लोगों से नकदी, गहने और मोबाइल फोन भी लूट लिए। कृष्ण ने बताया कि परिवार का एक सदस्य रस्सी खोलने में कामयाब रहा और मामले की सूचना पुलिस को दी। भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।