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अमित शाह का मेघालय और अरूणाचल प्रदेश का दौरा रद्द

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 13, 2019 07:19 pm IST,  Updated : Dec 13, 2019 07:19 pm IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार और सोमवार को पूर्वोत्तर के दो राज्यों मेघालय और अरूणाचल प्रदेश का अपना दौरा रद्द कर दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

Amit Shah, Meghalaya, Arunachal Pradesh, Citizenship Bill- India TV Hindi
Amit Shah's Meghalaya, Arunachal Pradesh visit to cancelled amid protests over Citizenship Bill Image Source : @AMITSHAH

नयी दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार और सोमवार को पूर्वोत्तर के दो राज्यों मेघालय और अरूणाचल प्रदेश का अपना दौरा रद्द कर दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। शाह का यह दौरा ऐसे समय रद्द किया गया है जब मेघालय और असम में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी है।

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गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह का पूर्वोत्तर का दौरा रद्द कर दिया गया है। उन्होंने इसकी कोई वजह नहीं बताई। मेघालय की राजधानी शिलांग के निकट स्थित पूर्वोत्तर पुलिस अकादमी के पासिंग आउट परेड में रविवार को शाह को शामिल होना था और अरूणाचल प्रदेश के तवांग में एक समारोह में सोमवार को शिरकत करनी थी। 

असम में इस नागरिकता कानून के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है और इस दौरान पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गयी। बुधवार को संसद ने इस कानून को पारित किया था और गुरूवार की रात राष्ट्रपति ने इसे अपनी मंजूरी दे दी। असम में हो रहे हिंसक प्रदर्शन को रोकने के लिए कई स्थानों पर कर्फ्यू लगा दिया गया है और प्रदर्शन तथा हिंसा को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न जिलों में सेना ने फ्लैग मार्च किया है । पिछले दो दिनों में प्रदर्शनकारियों ने शिलांग में विभिन्न वाहनों एवं दुकानों को आग लगा दी। असम को पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार माना जाता है। 

अधिनियम के अनुसार पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक यहां आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और इसाई समुदाय के लोगों को यहां अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा और उन्हें भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी। भारत में पांच साल या इससे अधिक समय से रह रहे इन छह समुदायों के शरणार्थियों को इस कानून के अनुसार देश की नागरिकता प्रदान की जाएगी। हालांकि, पहले 11 साल रहने के बाद नागरिकता दी जाती थी। 

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