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दिल्ली-एनसीआर में फिर आया भूकंप, गुरुग्राम से 63 किलोमीटर दूर साउथ-वेस्ट में था केंद्र

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 03, 2020 07:04 pm IST,  Updated : Jul 03, 2020 09:05 pm IST

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार शाम 7 बजे के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र बिंदु गुरुग्राम से 63 किलोमीटर दूर साउथ-वेस्ट में था।

Breaking news Today Earthquake Delhi - India TV Hindi
Breaking news Today Earthquake Delhi  Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार शाम 7 बजे के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र बिंदु (epicentre)  गुरुग्राम से 63 किलोमीटर दूर साउथ-वेस्ट में था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 नापी गई है। जयपुर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। अलवर शाहपूरा बहरोड़ तक भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। हालांकि, भिवानी में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई अलग-अलग राज्यों में पिछले कुछ दिनों से कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में बीते कुछ दिनों में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। लगातार आ रहे भूकंप ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।  

राजस्थान के अलवर जिले को शुक्रवार को 4.7 तीव्रता के भूकंप ने हिलाकर रख दिया जिसके झटके दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप शाम सात बजे महसूस किया गया जो राजस्थान के अलवर जिले में 35 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.7 मापी गई। 

भूकंप के झटके दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में भी महसूस किए गए जिससे लोगों में दहशत फैल गई। जानमाल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है। अप्रैल से लेकर अब तक दिल्ली और इसके आसपास 20 बार भूकंप आ चुका है जिनमें से दो की तीव्रता 4 से ऊपर थी। 

विभिन्न भूकंप का इतिहास बताता है कि दिल्ली-एनसीआर में 1720 में दिल्ली में 6.5 तीव्रता का भूकंप आया था। मथुरा में सन 1803 में 6.8 तीव्रता, सन 1842 में मथुरा के पास 5.5 तीव्रता, बुलंदशहर के पास 1956 में 6.7 तीव्रता, फरीदाबाद में 1960 में 6 तीव्रता और मुरादाबाद के पास 1966 में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया था। दिल्ली-एनसीआर की पहचान दूसरे सर्वाधिक भूकंपीय खतरे वाले क्षेत्र के रूप में की गई है। 

दोपहर में आया था मिजोरम में भूकंप

बता दें कि, आज मिजोरम में चम्फाई के नजदीक भी दोपहर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इन झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 नापी गई थी। इसके बारे में नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी ने बताया कि भूकंप का झटका दोपहर को 14:35 बजे आया था। इससे पहले गुरुवार को लद्दाख के करगिल में भूकंप के झटके महूसस किए गए, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई थी। 28 जून की दोपहर को मेघालय में तुरा के पास भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। वहीं 26 जून यानी शुक्रवार को भी मेघालय के तुरा इलाके में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

मेघालय के पश्चिम में 79 किलोमीटर दूर रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.3 मापी गई थी। इससे पहले भी पूर्वोत्तर के असम के गुवाहाटी, मेघालय, मणिपुर और मिजोरम में भूकंप के ठीक-ठाक झटके महसूस किए गए थे। झटकों की रिएक्टर स्केल पर तीव्रता 5.1 मापी गई थी। फिलहाल लगातार आ रहे भूकंपों ने सभी को डरा के रख दिया है। ऐसे में लोग को इस बात का सदमा है, कि कहीं कोई बड़ी मुसीबत तो नहीं आने वाली है।

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