
तीसरी बात
पराए घर में रहना भी है दुख का कारण
इन दुखों से ज्यादा दुख की बात है कि किसी पराए घर में रहना। अगर व्यक्ति अपने घर को छोड़ कर किसी पराए घर में रहता है तो वह परेशानियों में हमेशा घिरा रहता है क्योंकि दुसरों के घर रहने से व्यक्ति की आज़ादी पूरी तरह खत्म हो जाती है। ऐसे में कोई भी इंसान अपनी मर्जी से निडर होकर कोई काम नहीं कर सकता जिसके कारण व्यक्ति परेशानियां और सोच में डुबा रहता है और दुखों का आदी हो जाता हैं। इसलिए हमें पराए घर नहीं रहना चाहिए।