1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. जब तिहाड़ में पुरुष कैदियों की पहली महिला जेलर ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मुझे जेलर न कहें’

जब तिहाड़ में पुरुष कैदियों की पहली महिला जेलर ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मुझे जेलर न कहें’

 Written By: Bhasha
 Published : Jan 11, 2017 07:58 pm IST,  Updated : Jan 11, 2017 08:26 pm IST

नई दिल्ली: कड़ी सुरक्षा वाले तिहाड़ जेल में पुरुषों के कारागार की प्रथम महिला प्रभारी अंजु मंगला ने मुस्कुराते हुए कहा, मुझे जेलर न कहें। दो महिलाएं- किरण बेदी और विमला मेहरा ने तिहाड़ की

anju mangla- India TV Hindi
anju mangla

नई दिल्ली: कड़ी सुरक्षा वाले तिहाड़ जेल में पुरुषों के कारागार की प्रथम महिला प्रभारी अंजु मंगला ने मुस्कुराते हुए कहा, मुझे जेलर न कहें। दो महिलाएं- किरण बेदी और विमला मेहरा ने तिहाड़ की महानिदेशक के तौर पर सेवाएं दी हैं, लेकिन पहली बार एक महिला को यहां पुरुषों की जेल का अधीक्षक नियुक्त किया गया है और वह दैनिक आधार पर पुरुष कैदियों के साथ संवाद करती हैं।

(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)

मिलनसार अधिकारी मंगला का कहना है कि वह एक जेलर के बजाय एक अधीक्षक कहलाना पसंद करती हैं। उन्हें लगता है कि जेलर शब्द एक कठोर व्यक्ति की छवि पेश करता है। महिलाओं की जेल की अधीक्षक के तौर पर सेवाएं दे चुकी मंगला ने कहा कि उनका मंत्र इन कैदियों के साथ एक व्यक्तिगत सौहार्द का माहौल बनाना है चाहे वे महिला हों या पुरुष।

Also read:

उन्होंने कहा, ये कैदी मेरे लिए बच्चों की तरह हैं। वे काफी जोशपूर्ण, युवा और ऊर्जा से भरपूर हैं, लेकिन उनकी गलती यह है कि उन्होंने कानून अपने हाथ में ले लिया। मंगला अपनी जेल को एक गुरुकुल या एक छात्रावास कहना पसंद करती हैं जहां इन कैदियों को शिक्षा दी जाती है।

उन्होंने कहा, यह एक चुनौती है, लेकिन हमारे डी जी सुधीर यादव जी ने मेरे ऊपर भरोसा जताया और मैंने यह चुनौती स्वीकार की। मंगला 18 से 21 वर्ष के आयुवर्ग में करीब 800 कैदियों की देखरेख कर रही हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत