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'भ्रष्टाचारियों का राजनीति में महिमामंडन लोकतंत्र के लिए खतरा', संविधान दिवस के मौके पर PM मोदी ने किसपर साधा निशाना

Written by: IndiaTV Hindi Desk Published : Nov 26, 2021 12:10 pm IST, Updated : Nov 26, 2021 12:10 pm IST

पीएम मोदी ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए भ्रष्टाचार के दोषी का साथ देना गलत है इससे गलत मैसेज जाता है। देश के नौजवान के मन में लगता है कि इस प्रकार से राजनीति में नेतृत्व करने वाले लोग भ्रष्ट लोगों की प्राण प्रतिष्ठा कर रहे हैं, तो उनको भी लगता है कि भ्रष्टाचार करना गलत नहीं है।

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Image Source : संसद टीवी 'भ्रष्टाचारियों का राजनीति में महिमामंडन लोकतंत्र के लिए खतरा', संविधान दिवस के मौके पर PM मोदी ने किसपर साधा निशाना

Highlights

  • राजनीतिक लाभ के लिए भ्रष्टाचार के दोषी का साथ देना गलत- पीएम मोदी
  • परिवार वाली पार्टी संविधान के लिए चिंता का विषय है- पीएम मोदी

नई दिल्ली: संविधान दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार के दोषी नेताओं के महिमामंडन पर हमला बोला। संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए भ्रष्टाचार के दोषी का साथ देना गलत है इससे गलत मैसेज जाता है। उन्होंने कहा, क्या हमारा संविधान भ्रष्टाचार को अनुमति देता है, कानून है, नियम है, लेकिन चिंता तब होती है कि जब न्यायापलिका ने किसी को अगर भ्रष्टाचार के लिए सजा दी है और राजनीतिक महिमामंडन चलता रहे। भ्रष्टाचार को नजरंदाज करके जब राजनीतिक लाभ के लिए सारी मर्यादाओं को तोड़कर उनके साथ बैठना उठना शुरू हो जाता है तो देश के नौजवान के मन में लगता है कि इस प्रकार से राजनीति में नेतृत्व करने वाले लोग भ्रष्ट लोगों की प्राण प्रतिष्ठा कर रहे हैं, तो उनको भी लगता है कि भ्रष्टाचार करना गलत नहीं है।

पीएम ने कहा, सार्वजनिक जीवन में प्रतिष्ठा की जो परंपरा चल पड़ी है वह नए लोगों को लूटने के रास्तों पर जाने के लिए मजबूर करती है, इसलिए हमें इससे चिंतित होने की जरूरत है। ये आजादी के 75 साल हैं, अमृत काल है। हमने अबतक 75 साल में देश जिस स्थिति से गुजरा था, अंग्रेज राजनीतिक अधिकारों को कुचलने के लिए लगे थे, महात्मा गांधी समेत हर कोई भारत के नागरिकों को अधिकार देने के लिए लड़ते रहे। लेकिन यह भी सही है कि महात्मा गांधी ने आजादी के आंदोलन में भी अधिकारों के लिए लड़ते लड़ते देश को कर्तव्य के लिए तैयार करने की लगातार कोशिश की थी।

उन्होंने कहा, महात्मा गांधी ने कर्तव्य के जो बीज बोए थे वे आजादी के बाद वटवृक्ष बन जाने चाहिए थे, लेकिन दुर्भाग्य से शासन व्यवस्था ऐसी बनी कि उसमें अधिकार की ही बातें करके लोगों को ऐसी व्यवस्था में रखा कि हम हैं तो आपके अधिकार पूरे होंगे, अच्छा होता कि देश आजाद होने के बाद कर्तव्य पर बल दिया होता तो अधिकारों की अपने आप रक्षा होती। कर्तव्य से दायित्व का बोध होता है, जिम्मेदारी का बोध होता है, अधिकार से कभी कभी याचक वृति पैदा होती है कि मुझे मेरा अधिकार मिलना चाहिए। कर्तव्य के भाव से सामान्य मानव के जीवन में भाव पैदा होता है कि यह मेरा दायित्व है इसे मुझे पूरा करना चाहिए।

इस दौरान पीएम ने परिवार वाली पार्टियों पर बड़ा हमला बोला है। पीएम मोदी ने परिवारवाद पर जमकर निशाना साधा और कहा कि कुछ लोगों के लिए परिवार ही पार्टी होती है। परिवार वाली पार्टी संविधान के लिए चिंता का विषय है। मोदी ने कहा कि परिवारवाद वाली पार्टी के खिलाफ जागरुकता जरूरी है, एक ही परिवार की पीढ़ी पार्टी चलाए ये एक बड़ा संकट है।

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