1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. सरकारी नियंत्रण से मुक्त होंगे उच्च शैक्षणिक संस्थान: जावड़ेकर

सरकारी नियंत्रण से मुक्त होंगे उच्च शैक्षणिक संस्थान: जावड़ेकर

 Written By: IANS
 Published : Jan 25, 2017 06:30 pm IST,  Updated : Jan 25, 2017 06:33 pm IST

नई दिल्ली: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उच्च शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता की महत्ता पर जोर देते हुए बुधवार को कहा कि सरकार प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने

prakash javdekar- India TV Hindi
prakash javdekar

नई दिल्ली: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उच्च शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता की महत्ता पर जोर देते हुए बुधवार को कहा कि सरकार प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के लिए कटिबद्ध है।

(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)

भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIM) को पूर्ण स्वायत्तता प्रदान करने के लिए कैबिनेट द्वारा भारतीय प्रबंधन संस्थान विधेयक, 2017 को मंजूरी देने के एक दिन बाद जावड़ेकर ने कहा, "हम उच्च शैक्षणिक संस्थानों को सरकारी नियंत्रण व माइक्रो मैनेजमेंट से मुक्त करना चाहते हैं। यह इस मानसिकता को बदलने का प्रयास है कि अगर आप किसी संस्थान को धन दे रहे हैं तो फिर उसका नियंत्रण आपके पास ही होना चाहिए।"

आईआईएम अभी तक डिप्लोमा देते थे। इस विधेयक की मंजूरी मिलने के बाद अब ये डिग्री दे सकेंगे। इसके अलावा, संस्थानों को वैद्यानिक शक्तियां दी जाएंगी और उनका प्रबंधन बोर्ड से संचालित होगा। उन्होंने कहा, "भारत में नवोन्मेष की कमी है। युवा जब स्वतंत्र रूप से कार्य करेंगे तभी नवोन्मेष पैदा होगा। इन युवाओं को नाकामी से नहीं डरना चाहिए और इस बात की चिंता नहीं होनी चाहिए कि नाकाम होने पर उनसे सवाल किए जाएंगे।"

जावड़ेकर ने कहा, "जो स्वायत्तता प्रदान की गई है, उसका उद्देश्य इन संस्थानों की क्षमता को बढ़ाने तथा नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिए है। वस्तुत: यह नवोन्मेष व युवाओं की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने का मोदी सरकार का दर्शनशास्त्र है।"

जावड़ेकर ने कहा कि सरकार संस्थानों का वित्तपोषण करना जारी रखेगी, लेकिन उन्हें सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर आईआईएम, नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक (कैग) के प्रति जवाबदेह होंगे और उनकी वार्षिक रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी।" मंत्री ने उम्मीद जताई कि संसद के बजट सत्र के दौरान विधेयक को पारित कर दिया जाएगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत